Categories: hindiUttarakhand

CM धामी मौन, वीआईपी कौन? अंकिता भंडारी की हत्या को लेकर उत्तराखंड की सड़कों पर उतरे लोग – myuttarakhandnews.com

देहरादून: रविवार की दोपहर को देहरादून में एक बहुत बड़ी भीड़ इकट्ठा हुई. ज्यादातर युवा और महिलाएं मुख्यमंत्री के घर की ओर मार्च कर रहे थे. वे न्याय की मांग कर रहे थे. लेकिन अपने लक्ष्य से सिर्फ एक किलोमीटर दूर, पुलिस ने उन्हें रोक दिया. पुलिस की संख्या प्रदर्शनकारियों से बहुत ज्यादा थी. बैरिकेड्स भी लगाए गए थे, जिससे आगे बढ़ना मुश्किल हो गया. 26 साल की शालिनी एक स्कूल टीचर हैं. उनके लिए यह दृश्य पुरानी यादें ताजा कर रहा था.
उनके माता-पिता उन्हें उत्तराखंड राज्य बनने के आंदोलन की कहानियां सुनाते थे. राज्य को अलग हुए 25 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब फिर से लोग सड़कों पर हैं. यह विरोध 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा था. देहरादून के अलावा टिहरी गढ़वाल और अल्मोड़ा जैसे राज्य के कई हिस्सों में भी प्रदर्शन हो रहे थे. मार्च रुकने के बाद शालिनी और बाकी लोग सड़क पर बैठ गए. उन्होंने जोर-जोर से नारे लगाए ‘मुख्यमंत्री चुप हैं, वीआईपी कौन हैं?.’
कौन है ‘गट्टू’यह नई विरोध की लहर 2022 की हत्या से जुड़ी है. हाल ही में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने नए आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि अंकिता से गलत संबंध बनाने की मांग करने वाला वीआईपी एक बड़ा नेता था, जिसका निकनेम ‘गट्टू’ है. उर्मिला ने एक ऑडियो क्लिप भी जारी की, जिसमें राठौर कथित तौर पर इस वीआईपी की पहचान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम और एक दूसरे बड़े नेता के रूप में कर रहे हैं. बाद में राठौर ने कहा कि यह क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाई गई है. उन्होंने उर्मिला पर पार्टी को बदनाम करने का इल्जाम लगाया. दुष्यंत गौतम ने भी अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
पुराना मामला जो फिर से उभरा2022 में अंकिता की हत्या के बाद से ही एक ‘वीआईपी’ के शामिल होने की बातें चल रही थीं. कहा जाता है कि अंकिता की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने एक वीआईपी को गलत सेवाएं देने से मना कर दिया था. हत्या रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने की थी पुलकित पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे हैं. अंकिता रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी 18 सितंबर 2022 को वे गायब हो गईं. छह दिन बाद 24 सितंबर को ऋषिकेश के पास एक नहर से उनका शव मिला. इसके बाद विनोद आर्य को भाजपा से निकाल दिया गया. केस के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि अंकिता ने खुदकुशी की थी. उनका दावा था कि अंकिता डिप्रेशन में थीं क्योंकि वे घर छोड़कर एक दोस्त से शादी करना चाहती थीं, लेकिन वह तैयार नहीं था. इससे वे नौकरी में भी फंसी महसूस कर रही थी. लेकिन अभियोजन पक्ष ने 47 गवाह पेश किए. व्हाट्सएप चैट्स जैसे सबूत दिखाए. चैट्स से पता चला कि अंकिता रिसॉर्ट के मालिकों के व्यवहार से परेशान थी. वे ‘गलत तरह के काम’ के लिए गलत ऑफर्स से तंग आ चुकी थीं और नौकरी छोड़ना चाहती थी. एक चैट में उन्होंने लिखा था, ‘मैं गरीब हूं, लेकिन क्या मैं खुद को 10,000 रुपये में बेच दूंगी? एक और चैट में अंकिता ने अपनी दोस्त पुष्पदीप को बताया कि पुलकित ने उन्हें किस करने की कोशिश की थी. फिर एक दिन उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट में एक वीआईपी आने वाला है. एक व्यक्ति अंकित गुप्ता ने उन्हें बताया कि वीआईपी को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने के लिए 10,000 रुपये मिलेंगे. अदालत ने पुलकित आर्य को हत्या, सबूत मिटाने, यौन उत्पीड़न और अनैतिक तस्करी के कानूनों के तहत दोषी ठहराया. अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को भी हत्या और अन्य धाराओं में सजा मिली. 2025 में तीनों को उम्र कैद की सजा हुई.
हर महिला के लिए यह व्यक्तिगत मामलाशालिनी कहती हैं कि महिलाओं की असुरक्षा और बेरोजगारी की समस्या इस मामले को हर महिला से जोड़ती है. वे बोलीं, ‘उत्तराखंड को महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए बनाया गया था. इतने साल बाद अगर हम फिर उन पुरानी बुरी प्रथाओं की ओर जा रहे हैं, तो उस आंदोलन का क्या फायदा जिसमें लोगों ने जान गंवाई?. शालिनी ने एक रिपोर्ट का जिक्र किया जिसमें देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिना गया है. वे कहती हैं, ‘अंकिता को लोगों को जगाने के लिए अपनी जान देनी पड़ी. सरकार कब तक इंतजार करेगी? कितनी और महिलाओं की जान जाएगी? हमारी गलती है कि छोटी घटनाओं पर हम चुप रहते हैं.’ शालिनी पब्लिक सर्विस एग्जाम की तैयारी कर रही है. वे युवाओं की समस्याएं अच्छे से समझती हैं. कम नौकरियां हैं, इसलिए कम पैसे वाली नौकरियां करनी पड़ती हैं. अंकिता ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स शुरू किया था, लेकिन पैसे की कमी से छोड़ दिया. पहली सैलरी आने से एक महीने पहले ही उनकी हत्या हो गई. इस प्रदर्शन में कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा और वामपंथी पार्टियां जैसे सीपीआई(एम) शामिल थी.
लोगों का गुस्सा कई कारणों सेलैंसडाउन से आए अजय नेगी कहते हैं कि नए आरोपों ने सरकार के खिलाफ पहले से चल रहे गुस्से को और बढ़ा दिया है. मौसम की मुश्किलें, जंगली जानवरों से खतरा, खेती प्रभावित, नौकरियां कम ये सब समस्याएं हैं. लोग दूसरे राज्यों में कम पैसे वाली नौकरियां करने जाते हैं. नेगी कहते हैं कि राज्य का नेतृत्व ‘दिल्ली की कठपुतली’ बन गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए थे, फिर भी उन्हें पद दिया गया. भाजपा में बड़े नेता बिना कार्रवाई के रह जाते हैं. पर्यावरण कार्यकर्ता अतुल कुमार कहते हैं कि आरोपों की जांच सरकार की जिम्मेदारी है. लेकिन सरकार भाग रही है. जांच शुरू से दबाव में थी पहले जिन नामों का जिक्र था, वे चार्जशीट में नहीं आए. मामले को किसी मजबूत एजेंसी को देना चाहिए।वे कहते हैं कि लोगों में सत्ता का डर है इसलिए बड़ा आंदोलन नहीं हो पाता. कई लोग बदले की डर से चुप हैं।टिहरी से आए कनिष्क बदियारी ने बताया कि 11 जनवरी को पूरे राज्य में हड़ताल का ऐलान किया गया है.

Nandni sharma

Share
Published by
Nandni sharma

Recent Posts

प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की बैठक, विकास और रोजगार बढ़ाने पर विशेष फोकस

वर्ष 2026-27 हेतु 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार की वार्षिक जिला योजना अनुमोदित चमोली।…

49 minutes ago

उत्तराखंड की लाखों महिलाओं के लिए अच्छी खबर, अब घर बैठे एक क्लिक पर मिलेगी फायदे की जानकारी – myuttarakhandnews.com

हल्द्वानी। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित सभी योजनाओं की जानकारी अब महिलाओं को…

3 hours ago

Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है ये धाम | | my uttarakhand news

Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है…

4 hours ago

शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा दम | | my uttarakhand news

शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा…

17 hours ago

नैनीताल में बिना अनुमति चल रहे होमस्टों पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा | | my uttarakhand news

नैनीताल में बिना अनुमति चल रहे होमस्टों पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा | Administration tightens…

18 hours ago