देहरादून। उत्तराखंड में संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। संस्कृत अकादमी में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन के समापन अवसर पर सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार संस्कृत उत्थान के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन करेगी। यह सम्मेलन उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत भाषा मानव सभ्यता की जड़ है और दुनिया की अधिकांश भाषाओं की नींव किसी न किसी रूप में संस्कृत से ही जुड़ी हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि वेद, पुराण, उपनिषद और समस्त वैदिक साहित्य संस्कृत में ही रचा गया, जो इसे “अनादि-अनंत” भाषा बनाता है।
अर्द्धकुंभ-2027 को दिव्य और भव्य बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार अर्द्धकुंभ-2027 को यादगार, दिव्य और भव्य बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जनता से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ने और इसे सफल बनाने की अपील की।
एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा वार
अपने संबोधन में सीएम धामी ने एसआईआर (SIR) का विरोध कर रही विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल केवल विरोध की मानसिकता के कारण देश में हो रहे सकारात्मक और जनहितकारी प्रयासों का भी विरोध करते हैं।
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