उत्तराखंड अब केवल तीर्थाटन, एडवेंचर टूरिज्म और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं बल्कि वन्यजीव पर्यटन के लिए भी तेजी से पहचान बना रहा है. इसी कड़ी में राजधानी देहरादून स्थित देहरादून चिड़ियाघर ने पर्यटकों की संख्या और आमदनी के मामले में नया इतिहास रच दिया है. बीते 24 घंटे में चिड़ियाघर ने न केवल अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए बल्कि यह साबित कर दिया कि लोगों का झुकाव अब प्रकृति और वन्यजीवों की ओर लगातार बढ़ रहा है.
पर्यटकों की संख्या के साथ ही बंपर कमाई: रविवार को चिड़ियाघर में कुल 10,148 पर्यटक पहुंचे, जो अब तक एक दिन में आने वाली सबसे बड़ी संख्या है. इस भारी भीड़ ने चिड़ियाघर प्रबंधन को 6,76,690 रुपये की रिकॉर्ड आमदनी भी कराई. यह आंकड़ा न सिर्फ पर्यटकों की संख्या के लिहाज से बल्कि एक दिन की कमाई के लिहाज से भी अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
बाघ और गुलदार के दीदार के लिए पहुंचते हैं पर्यटक: अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह उपलब्धि और भी खास बन जाती है. साल 2023 में 18 जून को 8,065 पर्यटक चिड़ियाघर पहुंचे थे, जिससे 5,21,570 रुपये की आय हुई थी. वहीं 2025 में 8 जून को कमाई का रिकॉर्ड बना, जब 6,03,800 रुपये की आमदनी हुई. हालांकि उस दिन पर्यटकों की संख्या 7,789 ही थी.
इसके अलावा 4 जनवरी 2026 को 8,662 पर्यटक पहुंचे थे और उस दिन 5,44,860 रुपये की कमाई दर्ज की गई थी. लेकिन 22 मार्च 2026 का दिन इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए इतिहास बन गया. वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े भी इस बढ़ते रुझान की पुष्टि करते हैं. इस अवधि में अब तक 7,88,730 पर्यटक चिड़ियाघर का दौरा कर चुके हैं, जिससे कुल 5 करोड़ 83 लाख 86 हजार 150 रुपये की आमदनी हुई है. यह लगातार बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट संकेत है.
देहरादून जू का इतना है टिकट: चिड़ियाघर की कमाई का मुख्य स्रोत प्रति व्यक्ति 100 रुपये का टिकट है, लेकिन इसके अलावा पार्किंग शुल्क, 3D थिएटर और लॉकर सुविधा भी आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. इन व्यवस्थाओं ने न केवल पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाया है, बल्कि चिड़ियाघर की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है.
चिड़ियाघर की लोकप्रियता में तेजी: विशेषज्ञों की मानें तो चिड़ियाघर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के पीछे एक बड़ा कारण यहां वन्यजीवों की बढ़ती विविधता है. खासतौर पर लेपर्ड और टाइगर्स के आने के बाद पर्यटकों का आकर्षण काफी बढ़ा है. बाघों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं, जिससे चिड़ियाघर की लोकप्रियता में तेजी से इजाफा हुआ है.
चिड़ियाघर के अधिकारी क्या कह रहे: चिड़ियाघर के डायरेक्टर नीरज शर्मा का कहना है कि यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि लोगों में वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि यह सफलता शासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिसमें सुविधाओं के विस्तार और प्रबंधन को लगातार बेहतर किया गया है.
जू की नींव में इस अधिकारी की भूमिका अहम: इस चिड़ियाघर के विकास की नींव रखने में आईएफएस अधिकारी पी के पात्रो की भूमिका भी अहम रही है. उनके प्रयासों से चिड़ियाघर की आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया, जिसके बाद लगातार इसमें सुधार और विस्तार का सिलसिला जारी रहा. भविष्य की योजनाओं की बात करें तो चिड़ियाघर को और आकर्षक बनाने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं. वन विभाग और राज्य सरकार मिलकर यहां नए वन्यजीव लाने की तैयारी कर रहे हैं. इसके अलावा चिड़ियाघर के क्षेत्र का विस्तार करने और सफारी शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे पर्यटकों को और बेहतर अनुभव मिल सके.
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने क्या कहा: उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि वाइल्डलाइफ टूरिज्म के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में वन्यजीव पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और देहरादून चिड़ियाघर उसी दिशा में एक मजबूत कदम है. वन मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि हल्द्वानी में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से एक नया चिड़ियाघर विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है. इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
जू में सैलानी और कमाई का आंकड़ा: साल 2021-22 में कोरोना महामारी के चलते चिड़ियाघर कुछ समय के लिए बंद रहा, जिसके बावजूद 4.89 लाख पर्यटक पहुंचे और 207.15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. इसके बाद 2022-23 में स्थिति सामान्य होते ही पर्यटकों की संख्या बढ़कर 7.64 लाख हो गई और राजस्व 399.35 लाख रुपये तक पहुंच गया.
साल 2023-24 में 7.36 लाख पर्यटक पहुंचे, जिससे 436.95 लाख रुपये की आय हुई. वहीं 2024-25 में पर्यटकों की संख्या थोड़ी घटकर 6.82 लाख रही, लेकिन राजस्व बढ़कर 462.30 लाख रुपये हो गया. सबसे खास बात साल 2025-26 (23 मार्च 2026 तक) की है, जहां 7.88 लाख पर्यटक चिड़ियाघर पहुंचे और राजस्व रिकॉर्ड 583.86 लाख रुपये तक पहुंच गया.
स्पष्ट है कि देहरादून चिड़ियाघर अब सिर्फ एक मनोरंजन स्थल नहीं रह गया है, बल्कि यह उत्तराखंड के उभरते वाइल्डलाइफ टूरिज्म का अहम केंद्र बन चुका है. जिस रफ्तार से यहां पर्यटकों की संख्या और आमदनी बढ़ रही है, उससे आने वाले समय में और बड़े रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना है.
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