उत्तराखंड में ग्रीन हाइड्रोजन नीति को धामी सरकार की मंजूरी, कैबिनेट के 8 फैसले – myuttarakhandnews.com

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 को मंजूरी देना रहा जिसका मकसद राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा देना है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण और नए निवेश को आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन फैसलों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे वरन उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या पर्यवेक्षकों पर बड़ा फैसलाकैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले सदस्यों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे में हुए निधन पर शोक व्यक्त किया और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या पर्यवेक्षकों को बड़ी राहत दी है जिन्होंने अपने पद पर कम से कम 5 साल की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है। अब इन कर्मचारियों को अपने पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति के आधार पर जिला बदलने की अनुमति मिल गई है।
परियोजनाओं के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया तय करने का निर्णयसूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड में आपसी समझौते के आधार पर जमीन मालिकों से छोटी, मध्यम और बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया को तय करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर के प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ जमीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए सिडकुल को देने से जुड़े 25 मार्च 2025 के सरकारी आदेश में बदलाव करने का भी फैसला किया है।
इन जिलों में जनजाति कल्याण अधिकारियों के 4 नए पदसूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं को बेहतर ढंग से चलाने के लिए देहरादून, चमोली, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के 4 नए पद बनाए गए हैं। इन पदों को विभाग के ढांचे में शामिल करने और नियमों में बदलाव के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा संशोधन नियमावली 2025 को मंजूरी दे दी है।
गैर-कृषि के लिए भूजल पर देना होगा पैसासूचना महानिदेशक ने बताया कि राज्य में गैर-कृषि कार्यों के लिए भूजल निकालने पर अब शुल्क देना होगा। यह नियम तुरंत लागू हो गया है लेकिन खेती और सरकारी पेयजल व्यवस्था पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
देहरादून में बनेगी प्राइवेट यूनिवर्सिटीकैबिनेट ने देहरादून में जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय नाम से एक निजी यूनिवर्सिटी बनाने की मंजूरी भी दी है। इसका उद्देश्य राज्य को शिक्षा का केंद्र बनाना और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना है। यह विश्वविद्यालय पढ़ाई के नए तरीके अपनाएगा और छात्रों के व्यक्तित्व का विकास करेगा। साथ ही यह संस्थान गरीब वर्ग को शिक्षा देने, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर काम करेगा।
सूचना महानिदेशक ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को भारतीय वायु सेना को लीज पर देने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के बीच हुई बैठकों के बाद इन हवाई पट्टियों का उपयोग अब नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को भी मंजूरी दे दी है।

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