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उत्तराखंड में फिर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अभी नहीं टला एवलॉन्च का खतरा, मौसम विभाग ने किया अलर्ट – Uttarakhand

Difficulties may increase again in Uttarakhand, threat of avalanche not averted yet, Meteorological Department issued alertइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: चमोली जिले के माणा गांव के पास हिमस्खलन (एवलॉन्च) की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी है. इसी बीच मौसम विभाग ने एवलॉन्च के खतरे को लेकर नया अपडेट दिया है. दरअसल मौसम विभाग अंदेशा जता रहा है कि आने वाले कई दिनों तक प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर हिमस्खलन का खतरा मंडरा रहा है. यानी आने वाले दिनों में भी राज्य को ऐसी घटनाओं से बचकर रहने की जरूरत है.उत्तराखंड में फरवरी माह के अंत में हुई बर्फबारी के कारण एक तरफ मौसम सुहावना हुआ है, तो वहीं इस बर्फबारी ने एक नए खतरे को जन्म दे दिया है. दरअसल हाल ही में चमोली जिले के माणा गांव के पास हिमस्खलन की घटना हुई है. जिसमें 55 लोग फंस गए थे. अब मौसम विभाग अंदेशा जता रहा है कि राज्य में ऊंचे क्षेत्रों में इस तरह के एवलॉन्च आने की बेहद ज्यादा संभावनाएं दिखाई दे रही है.. इसके पीछे मौसम विभाग का अपना एक तर्क भी है. खास बात यह है कि हिमस्खलन को लेकर मौसम विभाग ने सभी को अलर्ट रहने के लिए कहा है. खास तौर पर 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को लेकर सचेत रहने के सुझाव दिए गए हैं.माणा गांन के पास हुए हिमस्खलन के चलते BRO के 55 मजदूरों के फंसने की सूचना सामने आई थी. जिसके बाद आनन-फानन में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए थे. हालांकि राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव कार्य को करीब अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है और इस घटना में अब तक चार लोगों की मौत होने की भी सूचना मिल रही है, जबकि अब कुछ लोगों का ही रेस्क्यू करना बाकी रह गया है. उधर मौसम विभाग ने राज्य में ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर अलर्ट जारी किया है.भारी बर्फबारी होने के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान अधिक होने के कारण बर्फ के फिसलकर नीचे गिरने का खतरा बना हुआ है. खासतौर पर 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में सतर्कता बरतने की जरूरत है. आने वाले कई दिनों तक राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एवलॉन्च आने के खतरे हैं. विक्रम सिंह, निदेशक, उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्रखास बात यह है कि हिमस्खलन का ये खतरा एक या दो दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले कई दिनों तक जब तक बर्फ अपनी जगह पर स्थान नहीं बना लेती तब तक हिमस्खलन से परेशानियां हो सकती है.. लिहाजा इन्ही स्थितियों को देखते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर यात्रियों को भी फिलहाल ना जाने की सलाह दी गई है.

Nandni sharma

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