नैनीताल में ला नीना का सीधा प्रभाव
सरोवर नगरी नैनीताल में मौसम का मिजाज बदलने लगा है, जहां अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही ठंड का असर महसूस किया जाने लगा है। दिनभर छाए बादलों और गिरते तापमान से पर्यटक और स्थानीय लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार ला नीना के प्रभाव के कारण प्रदेश में सामान्य से अधिक ठंड और बर्फबारी हो सकती है। पिछले वर्ष ठंड देर से शुरू हुई थी और नैनीताल में पहली बर्फबारी 9 दिसंबर 2024 को हुई थी, जबकि दूसरी बर्फबारी 12 जनवरी 2025 को दर्ज की गई थी। हालांकि इस बार अक्टूबर माह से ही तापमान में गिरावट आने पर संकेत मिल रहे हैं कि आने वाली सर्दियां अपेक्षाकृत अधिक ठंडी और बर्फीली हो सकती हैं।
नैनीताल में भारी बर्फबारी की आशंका
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वर्ष उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी देखने को मिल सकती है। एरीज के निदेशक डॉ. मनीष नाजा ने बताया कि इस बार क्षेत्र में ठंड सामान्य से पहले शुरू हो गई है, जो ला नीना मौसमीय प्रभाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के चलते उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीत लहरें चल सकती हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी भी संभव है। वैज्ञानिक लगातार मौसम के परिवर्तनों पर नजर रख रहे हैं ताकि आने वाले दिनों के पूर्वानुमान को सटीक बनाया जा सके। हालांकि बर्फबारी कब शुरू होगी, इसका सटीक अनुमान लगाना फिलहाल कठिन है, लेकिन संकेत बताते हैं कि इस बार सर्दियां सामान्य से अधिक ठंडी रहेंगी।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)
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