*श्री केदारनाथ धाम हेतु जाने वाला पैदल मार्ग स्थान जंगल चट्टी के पास हुआ क्षतिग्रस्त मार्ग को सुचारु करने के किये जा रहे प्रयास*

*श्री केदारनाथ धाम हेतु जाने वाला पैदल मार्ग स्थान जंगल चट्टी के पास हुआ क्षतिग्रस्त मार्ग को सुचारु करने के किये जा रहे प्रयास*
 
*केदारनाथ धाम के लिए पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील कि फिलहाल के लिए जहां पर हैं, वहीं पर सुरक्षित रहकर करें इन्तजार, मार्ग सुचारु होने पर केदारनाथ से जंगलचट्टी के बीच वापस आ रहे श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जायेगा*
 
वर्तमान समय में जनपद में प्रचलित श्री केदारनाथ धाम यात्रा का द्वितीय चरण प्रचलित है। मानसूनी बारिश लगभग समाप्ति की ओर है, इस बार हुई भारी बारिश के चलते समय-समय पर श्री केदारनाथ पैदल मार्ग काफी स्थानों पर क्षतिग्रस्त होता आया है। अब जबकि मानसूनी बारिश के लगभग समाप्त होने पर यात्रा के पूरी तरह से वापस पटरी पर लौटने के आसार नजर आ रहे थे, ऐसे में देर रात्रि को गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम तक जाने वाला पैदल मार्ग स्थान जंगल चट्टी के पास भू-धंसाव के चलते तकरीबन 10 से 15 मीटर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। आज भोर काल से ही यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत इस स्थान पर स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं। सम्बन्धित कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के स्तर से वैकल्पिक स्थल चिन्हित कर वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की दिशा में कार्यवाही युद्ध स्तर पर प्रारम्भ कर दी गयी है।
इस मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने पर सोनप्रयाग व गौरीकुण्ड क्षेत्र से किसी भी पैदल यात्री को ऊपर केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर नहीं भेजा गया है। केदारनाथ धाम से नीचे की ओर आने वाले यात्रियों को भी फिलहाल जो जहां पर हैं, वहीं पर सुरक्षित रुकवाया जा रहा है। वैकल्पिक मार्ग तैयार होने पर पहले ऊपर से नीचे की ओर आ रहे यात्रियों को निकाला जायेगा।
जनपद पुलिस श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर पैदल जाने वाले यात्रियों से आग्रह करती है कि वे लोग इस समय जहां पर हैं, वहीं सुरक्षित रहें। यात्री सोनप्रयाग या गौरीकुण्ड पहुंचने की होड़ न रखें, क्योंकि सोनप्रयाग और गौरीकुण्ड क्षेत्र में यात्रियों के ठहरने की सुविधा सीमित है तथा इस क्षेत्र में पहले ही यात्री मौजूद हैं, जिनको कि फिलहाल वहीं पर रोका गया है। ऐसे में यात्रियों से अपील है कि वे फाटा, गुप्तकाशी, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर इत्यादि स्थानों पर ठहरें या पहले उत्तराखण्ड के अन्य धामों की यात्रा करें। जंगल चट्टी पर बाधित हुए पैदल मार्ग के सुचारु होने की सूचना से पृथक से अवगत कराया जायेगा।

Sapna Rani

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