टीबी रोगियों की देखभाल, सहयोग और सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास – my uttarakhand news

उत्तराखंडस्वास्थ्य

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देहरादून: गुरु नानक कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, देहरादून ने समाज की भलाई के लिए एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की है, जो उत्तराखंड सरकार के सहयोग से संचालित हो रही है। कॉलेज प्रबंधन के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस विशेष कार्यक्रम में पाँच तपेदिक (टीबी) से पीड़ित मरीजों को कॉलेज ने गोद लिया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल इन मरीजों को नियमित और पौष्टिक आहार प्रदान करना है, बल्कि उन्हें उनकी बीमारी के बारे में व्यापक जानकारी देना और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को वास्तविक जीवन में समाज सेवा का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना भी है।यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम स्थानीय सरकारी अस्पताल, सहसपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। टीबी मरीजों को हर महीने विशेष रूप से तैयार किया गया पौष्टिक राशन प्रदान किया जाता है, जो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और बीमारी से जल्द स्वस्थ होने में सहायक होता है। साथ ही, मेडिकल के छात्र-छात्राएं नियमित अंतराल पर इन मरीजों से मिलते हैं और उन्हें टीबी की बीमारी के बारे में विस्तार से समझाते हैं। वे मरीजों को दवाओं का सही समय पर सेवन करने, स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित आहार लेने और दवाओं के संभावित साइड इफेक्ट्स के प्रति जागरूक करने का कार्य करते हैं। इस प्रकार वे मरीजों को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनाते हैं।इस कार्यक्रम के माध्यम से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। उन्हें अपनी बीमारी और दवाओं के प्रभावों के बारे में बेहतर जानकारी मिली है, जिससे वे दवा पालन में अधिक सावधानी बरत रहे हैं। वहीं मेडिकल के छात्रों को असली जीवन में सेवा और मानवता की भावना का अनुभव प्राप्त हो रहा है, जो उनकी शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहल शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभरी है और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में भी एक महत्वपूर्ण योगदान साबित हो रही है।गुरु नानक कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज समाज की भलाई के लिए ऐसे ही निरंतर कार्य करता रहेगा और भविष्य में भी इसी तरह की सामुदायिक सेवा योजनाओं को आगे बढ़ाएगा।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरु नानक कॉलेज, देहरादून के मुख्य संरक्षक सैथजीत सिंह, संरक्षक विनीत, रजिस्ट्रार डॉ. ललित चौधरी, प्रिंसिपल डॉ. लोलीता लाल, वाइस प्रिंसिपल बलजीत कौर, कोऑर्डिनेटर श्री अमित कुमार के साथ-साथ भगत सिंह, आकांक्षा नाथ, प्रेरणा डाहिया, उजमा फातिमा, अंजली रावत, अंशुल और मधु जैसे समर्पित और मेहनती स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी लगन और प्रतिबद्धता के बिना यह पहल संभव नहीं हो पाती।यह पहल उत्तराखंड सरकार की टीबी उन्मूलन मुहिम के साथ मिलकर समुदाय की भलाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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