देहरादून। मुख्यमंत्री धामी ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में सर्राफ मंडल देहरादून की ओर से आयोजित भव्य आभूषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित आभूषणों, पारंपरिक डिजाइनों और स्वर्णकारों की कला एवं हुनर को देखा। मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए सर्राफ मंडल और स्वर्णकार समाज को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय कला, संस्कृति, परंपरा और स्थानीय हुनर को नई पहचान देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्वर्णकार समाज केवल आभूषणों का निर्माण ही नहीं करता, बल्कि देश की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा उसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विवाह, त्योहार और धार्मिक अनुष्ठानों सहित जीवन के विभिन्न शुभ अवसरों पर आभूषण हमारी परंपराओं, भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों से देश के कारीगरों, स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी हुनर को नए अवसर मिल रहे हैं। ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य के अनुरूप भारत को वैश्विक ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पारंपरिक कौशल, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ कौशल विकास एवं आर्थिक सहायता के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपकली हार, कुमाऊंनी गुलोबंद, पिचौरा हार और झूमका आदि को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक जरूरतों और बदलते समय के अनुरूप विकसित कर ‘लोकल टू ग्लोबल’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इससे स्थानीय कारीगरों और स्वर्णकारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ सकेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण के साथ स्वर्णकार समाज के कौशल विकास के लिए भी राज्य सरकार प्रभावी कदम उठाएगी। इस दिशा में आवश्यक योजना तैयार कर स्वर्णकारों एवं कारीगरों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’ बनाने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है। इस संकल्प को साकार करने में स्वर्णकार समाज से सक्रिय सहयोग और सहभागिता का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय कला और हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।इस अवसर पर सर्राफ मंडल देहरादून के पदाधिकारी एवं सदस्य, स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधि, आभूषण व्यवसायी, कारीगर और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
