
देहरादून। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की अनिवार्य कवरेज के लिए सरकार ने वेतन सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। 17 सितंबर से अनिवार्य ईपीएफओ कवरेज की मासिक वेतन सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस बदलाव से देशभर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आ सकेंगे।देहरादून स्थित ईपीएफओ कार्यालय में नई वेतन सीमा को लेकर जानकारी दी गई। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम वीवी बी सिंह ने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 4 लाख 30 हजार से अधिक कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़े हुए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश में करीब 40 हजार से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफओ के दायरे में आने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि वेतन सीमा बढ़ाए जाने से ऐसे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में मदद मिलेगी, जिनका मासिक वेतन अब तक निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण अनिवार्य ईपीएफओ कवरेज में शामिल नहीं था। नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि से संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल सकेंगे।ईपीएफओ की ओर से नियोक्ताओं और कर्मचारियों को नई वेतन सीमा के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।



