दालचीनी खेती और नवाचार पर जुटेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ –

 
देहरादून,  कैबिनेट मंत्री  गणेश जोशी ने  मीडिया सेंटर, सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि सेलाकुई स्थित सगन्ध पौध केन्द्र का नाम परिवर्तित कर परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान रखा गया है। यह संस्थान सगन्ध पौधों की खेती, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, अनुसंधान एवं व्यवसायीकरण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मंत्री  जोशी ने बताया कि संस्थान द्वारा 11 एवं 12 जून, 2026 को “दालचीनी : प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखण्ड सरकार की महत्वाकांक्षी महक क्रांति नीति 2026-36 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विगत दो दशकों में संस्थान के प्रयासों से राज्य में लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि पर सगन्ध खेती का विस्तार हुआ है। वर्तमान में 109 एरोमा क्लस्टरों में लगभग 29 हजार किसान सगन्ध पौधों की खेती कर रहे हैं तथा 200 से अधिक फील्ड डिस्टिलेशन यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। वर्ष 2003 में एरोमैटिक सेक्टर का टर्नओवर जहां मात्र 2 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि महक क्रांति नीति के तहत राज्य में 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगन्ध खेती से आच्छादित कर 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सात एरोमा वैलियों का विकास किया जाएगा। चम्पावत एवं नैनीताल जनपदों में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है, जिससे किसानों, उद्यमियों एवं उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में श्रीलंका के नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर तथा प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स के विशेषज्ञों सहित इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स के विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ, 40 प्रतिनिधि मंडल, 50 से अधिक दालचीनी कृषक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
संगोष्ठी का उद्देश्य दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को उन्नत तकनीकों एवं वैश्विक अनुभवों से परिचित कराना, अनुसंधान एवं उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करना, गुणवत्ता आधारित उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना तथा उत्तराखण्ड को दालचीनी उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री  गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वाधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर सगन्ध पौध केन्द्र (कैप), सेलाकुई के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान भी उपस्थित रहे।
 


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