
हरिद्वार: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू होने के बाद हलाला और तीन तलाक के पहले चर्चित मामले में अब नया मोड़ आया है. मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता के परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इस बार पीड़िता के भाई का मोबाइल हैक कर मामले से जुड़े अहम साक्ष्य गायब करने के आरोप लगाए गए हैं. बुग्गावाला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं.
पीड़िता के भाई ने पुलिस से की शिकायत:पीड़िता के भाई ने बुग्गावाला थाना पुलिस को शिकायत देकर बताया कि कुछ दिन पहले उसने एक वेबसाइट बनाई थी. उसकी बहन के पति यानि जीजा के रिश्तेदार ने उसका मोबाइल हैक कर लिया. आरोप है कि आरोपी ने मोबाइल की ई-मेल आईडी और पासवर्ड हैक कर पूरा डाटा उड़ा दिया. इतना ही नहीं, केस से जुड़ी अहम फाइलें, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड भी डिलीट कर दिए गए, जो मुकदमे में महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे थे. पीड़िता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की. जांच में मोबाइल हैक कर डाटा गायब करने के आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी रहमान के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
पांच अप्रैल को दर्ज कराया था मुकदमा, चार्जशीट दाखिल:पीड़िता ने बीती पांच अप्रैल को पुलिस को तहरीर देकर पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था. महिला ने अपने पति पर तीन तलाक देने और हलाला के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे. मामले की शिकायत एसएसपी से की गई थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था. यह मामला इसलिए भी चर्चाओं में आया क्योंकि उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद हलाला और तीन तलाक से जुड़ा यह पहला केस बना जिसमें पहली बार यूसीसी एक्ट के तहत कार्रवाई हो रही थी. पुलिस जांच पूरी होने के बाद छह दिन पहले इस मामले में रुड़की कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है.
महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर लगाए आरोप:दो माह पूर्व एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. साथ ही महिला ने पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी. महिला ने शादी के बाद मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. वहीं हलाला जैसी कुप्रथा को लेकर भी शिकायत की गई. मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू की थी.
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस:
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 (संशोधन 2026) की धारा 32(1)(ii) और 32(1)(iii) के तहत कार्रवाई की है. यह धाराएं हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित और दंडनीय बनाती हैं.भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2) और धारा 85 को भी केस में शामिल किया गया है.मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 की धारा 3 और 4 के तहत तीन तलाक से जुड़े आरोप लगाए गए हैं.दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी मुकदमें में जोड़ी गई हैं.
मामले में पुलिस ने क्या कहा:बुग्गावाला थाना प्रभारी अंकुर शर्मा ने बताया कि पीड़िता के भाई ने अपने जीजा के रिश्तेदार पर मोबाइल हैक कर डाटा डिलीट करने के आरोप लगाए थे. जांच में प्रथम दृष्टया में आरोप सही पाए गए हैं. इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
