यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह के बेटे का उत्तराखंड की बेटी से होगा तलाक – पर्वतजन

प्रतीक यादव, जो समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं, ने हाल ही में अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान किया है। यह खबर 19 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जब प्रतीक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट (@iamprateekyadav) पर एक भावुक और तीखा पोस्ट शेयर किया।
उत्तराखंड के एंगल से देखें तो अपर्णा यादव (मूल नाम अपर्णा बिष्ट) मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1990 को हुआ था, और वे उत्तराखंड की बेटी के रूप में जानी जाती हैं, हालांकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा मुख्य रूप से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुई। उन्होंने लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की और बाद में राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन के बाद इंग्लैंड के मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर्स किया। उत्तराखंड कनेक्शन की वजह से अपर्णा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करीबी संबंध माने जाते हैं, क्योंकि दोनों उत्तराखंड मूल के हैं और ठाकुर समुदाय से आते हैं। अपर्णा अक्सर योगी को अपना “बड़ा भाई” मानती हैं और कई मौकों पर उनके साथ देखी गई हैं।
अपर्णा यादव की राजनीतिक यात्रा भी उत्तराखंड की जड़ों से जुड़ी हुई लगती है, जहां परिवारिक मूल्य और सामाजिक कार्यों पर जोर दिया जाता है। वे पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं (2017 में लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ीं लेकिन हार गईं), फिर 2022 में भाजपा में शामिल हो गईं, राष्ट्रवाद के नाम पर। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं (सितंबर 2024 से)।

प्रतीक और अपर्णा की शादी 2011-2012 में हुई थी, जो एक लव मैरिज थी और काफी चर्चित रही—एक बर्थडे पार्टी में मुलाकात से शुरू होकर 8-10 साल के रिश्ते के बाद भव्य समारोह में बंधी। उनकी एक बेटी है (कुछ रिपोर्ट्स में दो बेटियों का जिक्र है)। प्रतीक के पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप हैं—उन्हें “स्वार्थी”, “फैमिली डिस्ट्रॉयर” और “बद आत्मा” कहा गया है। उन्होंने लिखा कि अपर्णा ने परिवार के रिश्ते बिगाड़े, सिर्फ प्रसिद्धि और प्रभाव की चाहत में लगी हैं, और उनकी मेंटल हेल्थ खराब होने पर भी परवाह नहीं करतीं।

यह घटना मुलायम परिवार में नया विवाद खड़ा कर रही है, क्योंकि अपर्णा अब भाजपा में हैं और सपा के खिलाफ खुलकर बोलती हैं। अपर्णा या उनके पक्ष से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है—कुछ रिपोर्ट्स में उनके भाई ने कहा कि अकाउंट हैक हो सकता है, लेकिन पोस्ट वायरल हो चुका है। उत्तराखंड से जुड़े होने के कारण यह खबर वहां भी चर्चा में है, जहां अपर्णा को एक सफल उत्तराखंडी महिला के रूप में देखा जाता है, जो राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
यह पूरी तरह निजी मामला है, लेकिन राजनीतिक परिवार होने से इसका असर यूपी की सियासत पर भी पड़ सकता है।

Sapna Rani

Recent Posts

राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान, डीएम गौरव कुमार ने दिए सख्त निर्देश

चमोली : जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार, गोपेश्वर में जिला सड़क सुरक्षा…

3 minutes ago

काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण

देहरादून : लगातार हो रही बरसात के दौरान नदी किनारे रह रहे लोगों की सुरक्षा…

24 minutes ago

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात

459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ- रावत  एनआईटी श्रीनगर के…

45 minutes ago

कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर एसआईआर आपत्ति…

2 hours ago

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उफान पर गंगा और अलकनंदा, 132 सड़कें बंद, 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की प्रचंड बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।…

2 hours ago