हरिद्वार – बगलामुखी जयंती के पावन अवसर पर हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट करते हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त ‘श्री मंदिर’ ऐप के माध्यम से भी जुड़े।
इस दिन मंदिर परिसर में 1000 किलोग्राम मिर्च हवन का आयोजन किया गया, जिसे परंपरागत रूप से शक्ति साधना और बाधा निवारण से जुड़ा महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। हवन में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था और संकल्प जुड़े, जिनमें वे भक्त भी शामिल रहे जो डिजिटल माध्यम से इस अनुष्ठान का हिस्सा बने।
बगलामुखी जयंती के अवसर पर 60,000 भक्तों ने ‘श्री मंदिर’ ऐप के माध्यम से पूजा और चढ़ावा बुक किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब तकनीक के जरिए भक्तों की आस्था सीमाओं से परे जाकर जुड़ रही है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं ने भी इस पावन अवसर पर पूजा और संकल्प में भाग लिया। सेवा भाव को केंद्र में रखते हुए, ‘श्री मंदिर’ द्वारा लगभग 10,000 श्रद्धालुओं के लिए ‘हर की पौड़ी’ पर भंडारा प्रसाद का आयोजन भी किया गया। इस भंडारे में दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं, साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार भी ‘श्री मंदिर’ के सहयोग से करवाया गया, जिससे मंदिर का वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
‘श्री मंदिर’ ऐप के माध्यम से जुड़े श्रद्धालुओं को पूजा के उपरांत संकल्प और अनुष्ठान की जानकारी तथा वीडियो दर्शन उपलब्ध कराए गए, जिससे वे स्वयं को इस आयोजन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा महसूस कर सकें। यह पहल विशेष रूप से उन भक्तों के लिए सहायक सिद्ध हो रही है, जो स्वास्थ्य, आयु या दूरी के कारण मंदिर तक नहीं पहुँच पाते।
मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्री नीलांजन रूद्र जी ने कहा, “बगलामुखी जयंती हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। श्री मंदिर ऐप के साथ हमारे सहयोग से अब यह संभव हो पाया है कि देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी इस पावन अनुष्ठान से जुड़ सकें। इससे न केवल भक्तों की भागीदारी बढ़ी है, बल्कि मंदिर की सेवा गतिविधियों को भी विस्तार मिला है।”
श्री मंदिर के संस्थापक एवं सीईओ प्रशांत सचान ने कहा, “हमारा प्रयास है कि देश के प्रमुख मंदिरों की सेवा और आध्यात्मिक परंपराएं हर श्रद्धालु तक सहज रूप से पहुंचें। बगलामुखी जयंती जैसे अवसरों पर लाखों श्रद्धालुओं का डिजिटल माध्यम से जुड़ना यह दर्शाता है कि तकनीक के जरिए आस्था को और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है, बिना उसकी पवित्रता को प्रभावित किए।”
‘श्री मंदिर’ ऐप, जो वर्तमान में विश्व के बड़े भक्ति प्लेटफॉर्म्स में से एक है, लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है कि मंदिरों की परंपराएं और सेवाएं देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक विश्वसनीय और पारदर्शी तरीके से पहुंच सकें।बगलामुखी जयंती का यह आयोजन एक उदाहरण है कि किस प्रकार सेवा, आस्था और तकनीक का संतुलित समन्वय, श्रद्धालुओं को जोड़ने और धार्मिक परंपराओं को व्यापक स्तर पर सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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