देहरादून, 10 अक्टूबर 2025:उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (Cricket Association of Uttarakhand – CAU) को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने संगठन के खिलाफ दर्ज सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इनमें कोई ठोस आधार नहीं है। यह फैसला सीएयू के लिए न केवल कानूनी जीत है बल्कि पारदर्शिता और सत्य के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।
हाईकोर्ट ने कहा – याचिकाओं में नहीं कोई दम
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिकाएं खारिज कर दीं।याचिकाकर्ताओं ने सीएयू पर वित्तीय अनियमितताओं और बजट के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे, लेकिन कोर्ट ने इन आरोपों को निराधार (Baseless) पाया।
न्यायालय ने कहा कि याचिकाओं में जांच का कोई औचित्य नहीं बनता और यह संगठन की साख को नुकसान पहुंचाने का प्रयास मात्र था।
सीएयू सचिव किरण रौतेला वर्मा बोलीं – यह सत्य की जीत है
सीएयू की सचिव किरण रौतेला वर्मा ने हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा –
“यह फैसला हमारी पारदर्शी कार्यशैली और क्रिकेट के प्रति समर्पण का प्रमाण है। हम हमेशा खिलाड़ियों के हित में और उत्तराखंड क्रिकेट के विकास के लिए कार्य करते रहे हैं। यह जीत हमारे सभी समर्थकों और हितधारकों के विश्वास का परिणाम है।”
माहिम वर्मा ने कहा – आरोपों से संगठन की छवि धूमिल हुई
सीएयू के पूर्व सचिव माहिम वर्मा ने कहा कि इन झूठे आरोपों ने संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाया और उत्तराखंड में क्रिकेट के विकास की गति को प्रभावित किया।उन्होंने कहा,
“अगर ये विवाद न होते तो उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन 2 को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जा सकता था। कुछ लोग निजी स्वार्थों के लिए संगठन को विवादों में घसीटना चाहते हैं, लेकिन यह फैसला साफ कर देता है कि सत्य की जीत होती है।”
अध्यक्ष दीपक मेहरा बोले – अब और मजबूती से आगे बढ़ेगा सीएयू
सीएयू के अध्यक्ष दीपक मेहरा ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय संगठन की साख को और मजबूत करता है।उन्होंने कहा,
“विवादों के कारण यूपीएल सीजन 2 को कुछ नुकसान हुआ, लेकिन अब हम और अधिक पारदर्शिता और उत्साह के साथ भविष्य की योजनाओं पर काम करेंगे।”
यूपीएल अध्यक्ष सुनील जोशी ने जताई खुशी
यूपीएल (Uttarakhand Premier League) के अध्यक्ष सुनील जोशी ने कहा,
“हमारा लक्ष्य उत्तराखंड की क्रिकेट प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। आने वाले समय में यूपीएल को और बड़े और पारदर्शी पैमाने पर आयोजित किया जाएगा।”
खिलाड़ियों और समर्थकों का आभार
सीएयू ने कोर्ट के इस फैसले के बाद अपने सभी समर्थकों, खिलाड़ियों और हितधारकों का आभार व्यक्त किया।संगठन ने कहा कि यह सिर्फ एक कानूनी जीत नहीं, बल्कि सत्य, एकता और न्याय में विश्वास की जीत है।
“हम उत्तराखंड क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य के लिए और अधिक मेहनत करेंगे,” सीएयू ने अपने बयान में कहा।
क्रिकेट विकास की नई शुरुआत
यह फैसला उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (CAU) के लिए एक नई शुरुआत साबित होगा।अब संगठन पारदर्शिता, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ अपने मिशन को और मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।सीएयू का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच मिले और राज्य का नाम भारतीय क्रिकेट में और ऊंचाइयों तक पहुंचे।
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