स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):-
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व के आदेशों के बावजूद नदियों में जमा शिल्ट नहीं हटाने संबंधी स्वतः संज्ञान संबंधी जनहित याचिका में राज्य सरकार से 2 सप्ताह में पूर्व के आदेशों के क्रम में अब तक नदियों में जमा शिल्ट हटाने की कार्यवाही पर प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 2 सप्ताह बाद की तिथि निहित की है।मामले के अनुसार, चोरगलिया निवासी समाजसेवी भुवन चन्द्र पोखरिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि नंधौर, गौला, कोसी, गंगा, दाबका नदी में हो रहे भूकटाव और बाढ़ से नदियों के मुहाने अवरुद्ध हो गए हैं जिनको अभी तक चैनेलाइजेशन नहीं करने के कारण अबादी क्षेत्रों में जल भराव और भू कटाव हो रहा है।
उच्च न्यायलय के पूर्व के आदेशों का अनुपालन भी नहीं किया गया। पूर्व में न्यायलय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि राज्य सरकार सम्बंधित विभागों को निर्देश जारी कर नदियों में जमा शिल्ट हटाए, तांकि नदियां के बहाव में कोई रुकावट न आए।
जनहीत याचिका में कहा गया था कि 15 जून के बाद मानसून सत्र शुरू हो जाएगा,लिहाजा पूर्व के आदेशों का पालन शीघ्र कराया जाय, ताकि आपदा जैसी घटनाओं से बच जा सके।
राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएं कि मानसून सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व ही आदेशों का पालन कराया जाय।
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