Home Stay at Nainital: उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटन सीजन की आहट के साथ ही होमस्टे कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. पहाड़ों की खूबसूरती और बढ़ती पर्यटक संख्या ने स्थानीय लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खोल दिए हैं. मगर, इसी के साथ प्रशासन ने भी सख्ती का रुख अपना लिया है. बिना पंजीकरण और नियमों का पालन किए संचालित हो रहे होमस्टे अब प्रशासन की नजर में हैं और उन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.
पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नैनीताल में होमस्टे चलाने के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम पंजीकरण है. बिना रजिस्ट्रेशन के होमस्टे चलाना पूरी तरह अवैध माना जाएगा. इसके अलावा भवन का नक्शा स्वीकृत होना चाहिए और स्थानीय निकाय से अनुमति लेना भी अनिवार्य है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
52 होमस्टे के लाइसेंस रद्दहाल ही में जिला प्रशासन ने कई अवैध होमस्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं. वहीं कुछ इकाइयों को सीज भी किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जुर्माना और सीलिंग जैसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. यही वजह है कि अब होमस्टे खोलने की योजना बना रहे लोगों के लिए नियमों को समझना बेहद जरूरी हो गया है.
जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिलेभर में सख्त अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अब तक 52 होमस्टे के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं, जिनमें नैनीताल और भूमियाधार समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा 15 होमस्टे पर चालान की कार्रवाई की गई है, जबकि कई को नोटिस जारी किए गए हैं.
विशेष टीमों का किया गया है गठनपर्यटन अधिकारी ने यह भी बताया कि सीजन शुरू होते ही कई लोग अपने घरों में कमरे किराए पर देना शुरू कर देते हैं, लेकिन वे पंजीकरण नहीं कराते. ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए हर वार्ड में विशेष टीमों का गठन किया गया है. इन टीमों में राजस्व विभाग, पर्यटन विभाग और नगर पालिका के कर्मचारी शामिल हैं, जो नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं. यदि किसी को अवैध होमस्टे की जानकारी मिलती है, तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है, जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने होटल और होमस्टे संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें. यदि पर्यटकों से अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाएंइस बीच, सरकार की ओर से होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं भी चलाई जा रही हैं. पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के तहत स्थानीय निवासियों को सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है. इस योजना के अंतर्गत होमस्टे स्थापित करने पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलती है, जो अधिकतम 15 लाख रुपये तक हो सकती है. इसके अलावा ब्याज पर भी सब्सिडी देने का प्रावधान है, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक राहत मिलती है.
इस योजना की एक खास बात यह भी है कि इसके तहत होमस्टे संचालकों को बिजली और पानी के बिल घरेलू दरों पर मिलते हैं, जो व्यवसायिक खर्च को काफी हद तक कम कर देता है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक लोगों को राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके लिए खसरा-खतौनी, भवन का नक्शा, फायर सेफ्टी प्रमाण, फोटो और एफिडेविट जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं.
वर्ष 2026-27 हेतु 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार की वार्षिक जिला योजना अनुमोदित चमोली।…
हल्द्वानी। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित सभी योजनाओं की जानकारी अब महिलाओं को…
Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है…
शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा…
नैनीताल में बिना अनुमति चल रहे होमस्टों पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा | Administration tightens…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE /Dehradun The Dehradun district administration imposed Section 163 of the Bharatiya…