Subscribe for notification

उत्तराखंड हाईकोर्ट का अहम फैसला, ज्योति अधिकारी के खिलाफ पांच एफआईआर में गिरफ्तारी पर रोक – पर्वतजन

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी की ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ दर्ज सात मामलों में से पांच पर विचार करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीतकालीन अवकाश के दौरान न्यायमूर्ति आलोक कुमार माहरा की एकल पीठ ने इन पांच मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी। साथ ही, राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
 
अदालत ने ज्योति अधिकारी को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर साझा की गई सभी संबंधित सामग्री को तत्काल हटा दें, ताकि किसी की भावनाओं को चोट न पहुंचे। न्यायालय ने जोर दिया कि ऑनलाइन पोस्ट करते समय शब्दों का चयन सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए, जिससे कोई व्यक्ति या समुदाय आहत न हो।

 
मामले की पृष्ठभूमि में, ज्योति अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर और देहरादून में विरोध प्रदर्शन के समय देवताओं तथा पहाड़ी क्षेत्र की महिलाओं के प्रति अनुचित भाषा का प्रयोग किया। प्रदर्शन के दौरान दरांती थामे हुए कथित रूप से असम्मानजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे व्यापक विवाद खड़ा हो गया। इन टिप्पणियों से कई लोगों की धार्मिक संवेदनाएं प्रभावित हुईं, जिसके परिणामस्वरूप हल्द्वानी सहित विभिन्न स्थानों पर उनके खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें से दो मामलों में उन्हें जेल की सजा भी भुगतनी पड़ी। शेष पांच मामलों में उच्च न्यायालय ने 20 जनवरी को सुनवाई के उपरांत गिरफ्तारी पर प्रतिबंध लगाया।
 
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि ज्योति अधिकारी ने अपने अनुयायियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से देवताओं और पहाड़ी महिलाओं के लिए आपत्तिजनक अभिव्यक्तियां कीं, जिससे स्थानीय महिलाओं को गहरा आघात पहुंचा। उन्होंने कहा कि एक ब्लॉगर के रूप में ऐसी भाषा का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए जो किसी की भावनाओं या आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाए।
 
दूसरी ओर, याचिकाकर्ता के वकीलों ने अदालत को सूचित किया कि सोशल मीडिया से विवादास्पद सामग्री पहले ही हटा दी गई है और शेष सामग्री को भी शीघ्र हटाया जाएगा। उन्होंने उल्लेख किया कि दो मामलों में ज्योति अधिकारी ने छह दिनों की कैद की सजा पूरी कर ली है, इसलिए शेष पांच मामलों में गिरफ्तारी से छूट प्रदान की जाए।

Sapna Rani

Recent Posts

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए सख्त, ऋषिकेश–डोईवाला में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई

अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं- एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास…

24 minutes ago