उत्तराखंड के विकास में ऋषिकेश की अहम भूमिका, पीएम मोदी ने बताई देवभूमि की क्या है खासियत – myuttarakhandnews.com

Latest posts by Sapna Rani (see all)ऋषिकेश : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के विकास में ऋषिकेश की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि ऋषिकेश पर्यटन का केंद्र बिंदु है। यहां एडवेंचर, अध्यात्म और योग के लिए दुनिया के हर कोने से लोग पहुंचते हैं। जब दुनिया में योग की धूम नहीं थी तब कई देशों के लोग जिज्ञासा के नाते योग के लिए ऋषिकेश आते थे। आईडीपीएल मैदान में चुनावी जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश को उत्तराखंड राज्य के विकास का केंद्र कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में पर्यटन और चारधाम यात्रा की बड़ी भूमिका है। ऋषिकेश पर्यटन और चारधाम का प्रमुख केंद्र है। यहां अध्यात्म है और एडवेंचर भी। राफ्टिंग हो, या कैंपिंग या फिर आस्था या योग में रुचि रखने वाले लोग ऋषिकेश आकर पूरा आनंद लेते हैं।मोदी ने कहा कि मुझे याद है कि बहुत पहले एक बार यूएसए गया था। मुझे कुछ खाना था। एक छोटी सी दुकान में अमेरिकन नागरिक बैठा मिला। उसके गले में तीन-चार रुद्राक्ष की मालाएं थी। मैं उसके पास चला गया। उसने मुझे खिलाया। बताया कि वह बहुत सालों से ऋषिकेश आता-जाता है। इससे उसके जीवन में बदलाव आया।पर्यटन को बढ़ावा, रोजगार के नए अवसर दे रही सरकारप्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है। हमारा फोकस इस बात पर है कि देश के किसी भी हिस्से से पर्यटकों को उत्तराखंड के कोने-कोने तक पहुंचना आसान होना चाहिए। इसलिए रोडवेज, ट्रेन, हवाई सुविधा बढ़ाई जा रही है। कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर तेजी से काम चल रहा है। देहरादून से दिल्ली की दूरी सिमट रही है।चारधाम यात्रा को सुगम बना रहेप्रधानमंत्री ने कहा कि चारधाम परियोजना के तहत चारों धामों को लगभग 900 किमी हाईवे से जोड़ा जा रहा है। इन सब कामों से श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पहुंचने में आसानी होगी। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि भाजपा की नीयत सही है। पिछले साल करीब 20 लाख यात्री केदारनाथ आए। चारों धामों में 55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड की यात्रा की।चुनावी जनसभा में पहुंचे लोगों के उत्साह को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिभूत नजर आए। लोगों के उत्साह की स्थिति यह थी कि प्रधानमंत्री मोदी को भाषण के दौरान दो-तीन बार रुक कर बोलने की इजाजत मांगनी पड़ी। लोग फिर भी उत्साह और जोश में मोदी-मोदी चिल्लाते रहे। पीएम ने कहा कि उत्तराखंड के प्यार को मैं जीवन भर नहीं भूल सकता।आईडीपीएल मैदान में चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून जनपदों से लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने पहुंचे थे। जैसे ही सभास्थल पर मोदी के हेलिकाॅप्टर की आवाज सुनाई दी तो सभी अपने स्थान पर खड़े होकर मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। करीब 11:59 बजे मोदी मंच पर पहुंचे। पूरा पंडाल मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा।लोगों का उत्साह इस कदर था कि प्रधानमंत्री मोदी को दो-तीन बार भाषण के बीच में रुककर लोगों से बोलने की इजाजत मांगनी पड़ी।मोदी ने कहा कि मैं उत्तराखंड आता हूं तो आशीर्वाद मांगने के साथ ही आप सभी परिवारजनों के साथ पुरानी यादें भी ताजा कर लेता हूं। मैं आपके खुद के घर का हूं। मैं यहां बैठे-बैठे पुराने चेहरे देख रहा हूं। मेरा आपसे निकट का रिश्ता है। मैं उत्तराखंड के प्यार को जीवन में कभी भी भूल नहीं सकता। उत्साह में नारे लगा रहे लोगों से मोदी ने कहा कि इस ऊर्जा को 19 अप्रैल तक अपने काम पर लगाए रखना है। सारी ऊर्जा आज ही मत खर्च कर लीजिए। मोदी ने कहा कि जो मुझे देख नहीं पा रहे हैं वह सुन कर संतोष कर लें।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस विकास और विरासत दोनों की विरोधी है। उत्तराखंड का कोई निवासी ये नहीं भूल सकता कि कांग्रेस ने प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए। लेकिन राम मंदिर बनाने वालों ने कांग्रेस के गुनाह माफ कर उनके घर जाकर निमंत्रण दिया। लेकिन कांग्रेस ने उसका भी बहिष्कार किया। पीएम ने कहा कि अब तो कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि हिंदू धर्म में जो शक्ति है उसका विनाश करेंगे। कांग्रेस शक्ति स्वरूपा मां धारी देवी, मां चंद्रबदनी देवी, मां ज्वाल्पा देवी की शक्ति को खत्म करना चाहती है। कहा कि उत्तराखंड की आस्था को तबाह करने की जो साजिशें चल रही हैं उसमें कांग्रेस की ये बातें आग में घी का काम करेंगी। उत्तराखंड की संस्कृति की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है।हरिद्वार के मतदाताओं को जोड़ने के लिए मोदी ने कहा कि आपको भूलना नहीं है ये वही कांग्रेस है जो कहती रही है कि हरकी पैड़ी मां गंगा किनारे नहीं बल्कि नहर के किनारे बसी है। अब ये गंगा के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। इन्हें उत्तराखंड के लोग सबक सिखाकर रहेंगे। उत्तराखंड की पहचान ब्रह्मकमल से जुड़ी है। ये धरती ब्रह्मकमल की है। इसलिए इस बार भी यहां पांच कमल खिलने चाहिए। पांचों कमल इसलिए खिलाने हैं, क्योंकि हम विकसित भारत का संकल्प लेकर चले हैं। विकसित भारत संकल्प के लिए विकसित उत्तराखंड हमारी प्राथमिकता है। इस काम के लिए मेरा पल-पल आपके नाम है। मेरा पल-पल देश के नाम है। 24 घंटे सातों दिन मेरी गारंटी है।

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