ऋषिकेश: बस के आगे स्कूल के शैक्षिक भ्रमण का फ्लेक्स लटका था, लेकिन जब परिवहन विभाग की टीम ने बस को रोककर अंदर झांककर देखा तो अधिकारी भी हैरान रह गए। 32 स्लीपर सीट वाली बस में 100 से अधिक छात्र और कुल 120 सवारियां भरी हुई थीं। राजस्थान के धौलपुर जिले के एक स्कूल के छात्र करीब 842 किलोमीटर का सफर तय कर ऋषिकेश पहुंचे थे।
सोमवार शाम गंगोत्री राजमार्ग पर भद्रकाली मंदिर के पास परिवहन विभाग द्वारा चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान आगरा नंबर की एक स्लीपर बस को रोका गया। बस मां भगवती विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तसीमो (धौलपुर) के छात्रों को लेकर आई थी। जांच में सामने आया कि बस चालक और परिचालक ने वर्दी नहीं पहनी थी और चालक के पास पर्वतीय क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति भी नहीं थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत ने 21,500 रुपये का चालान काटते हुए बस को सीज कर दिया। छात्रों और शिक्षकों को रोडवेज बसों की मदद से हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाया गया। एआरटीओ ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और ओवरलोडिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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