उत्तराखंड में महिलाओं ने स्वरोजगार में पुरुषों को पछाड़ा, UP ने हिमाचल प्रदेश को भी दी मात – Uttarakhand

Women outperformed men in self-employment in Uttarakhand, UP also beat Himachal PradeshWomen outperformed men in self-employment in Uttarakhand, UP also beat Himachal PradeshWomen outperformed men in self-employment in Uttarakhand, UP also beat Himachal Pradeshइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)नैनीताल। रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर शहरों में भटक रहे पुरुषों के सामने स्वरोजगार में सफल महिलाओं ने बड़ा उदाहरण पेश किया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय कर ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में के ग्रामीण क्षेत्रों में 80 फीसदी से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं।यूपी की महिलाओं ने स्वरोजगार मामले में हिमाचल प्रदेश को भी मात दी है। पुरुषों में ये आंकड़ा 55 फीसदी से भी कम है। उत्तराखंड में महिलाएं हमेशा से ही अर्थव्यवस्था का आधार रही हैं। बीते सप्ताह भारत सरकार ने एक रिपोर्ट जारी की। इसमें महिलाओं और पुरुषों के स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थव्यवस्था में भागीदारी की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में दिए आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि देशभर में स्वरोजगार के मामले में ग्रामीण महिलाएं आगे हैं। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में ये औसत देश से भी बेहतर है।यहां 82.1% महिलाएं स्वरोजगार करती हैं जबकि स्वरोजगार से जुड़े पुरुष करीब 54% है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में 45.3% पुरुष स्वरोजगार कर रहे हैं जबकि यहां महिलाओं का आंकड़ा 39% ही है। देशभर की बात करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में 59.4% पुरुष व 73.5% महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं।महिला स्वयं सहायता समूहों और मनरेगा से मिला बड़ा बलग्रामीण क्षेत्रों में खेती के अलावा महिलाओं के स्वरोजगार का सबसे बड़ा कारण स्वयं सहायता समूह और मनरेगा बने हैं। सरकार की मदद से चल रहे इन समूहों में बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हैं। इन महिलाओं ने स्थानीय उत्पादों को नई पहचान भी दिलाई है। इसमें होमस्टे, जड़ी बूटी जूस, मसाले, अचार, स्थानीय परिधान, मोटे अनाज से तैयार विभिन्न उत्पाद प्रमुख तौर पर शामिल हैं। स्वरोजगार के साथ-साथ महिलाओं के प्रयास देशभर में उत्तराखंड को नई पहचान भी दे रहे हैं।हिमाचल से मुकाबला, यूपी आगेपड़ोसी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश की स्थिति लगभग हमारे जैसी ही है। यहां 87.8% महिलाएं स्वरोजगार कर रही है जबकि पुरुषों का प्रतिशत 54.4 है। यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में 90% महिलाएं और 70.9% पुरुष स्वरोजगार करते हैं।

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