केदारनाथ पैदल मार्ग पर भालुओं की बढ़ती सक्रियता: लिंचोली में दुकान में घुसा जंगली भालू, CCTV में कैद हुई घटना – पर्वतजन

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में इस बार बर्फबारी नहीं होने के बावजूद ठंड के मौसम में भालुओं की सक्रियता बढ़ गई है। मंदिर के कपाट बंद होने के बाद धाम और पैदल यात्रा मार्ग पर भालू नियमित रूप से नजर आ रहे हैं। हाल ही में पैदल मार्ग के लिंचोली पड़ाव पर एक भालू ने दुकान का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश कर लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
वीडियो फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि भालू दरवाजा तोड़कर दुकान के अंदर घुसता है। वह काफी समय तक अंदर रहता है, फिर बाहर निकलता है और दोबारा प्रवेश करता है। कपाट बंदी के बाद ऐसे मामलों में भालू दुकानों और घरों में घुसकर नुकसान पहुंचाते रहे हैं।
हिमालयी क्षेत्रों सहित ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से भालुओं की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में ठोस नीतियां नहीं बनाए जाने से समस्या बढ़ती जा रही है। इससे स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। पर्यावरण विशेषज्ञ देव राघवेंद्र बद्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भालुओं की सक्रियता चिंता का विषय है।

प्रभागीय वन अधिकारी रजत सुमन ने कहा कि ठंडे क्षेत्रों में भालुओं का दिखना सामान्य है। लिंचोली में भालू की मौजूदगी दर्ज की गई है और यह सीसीटीवी में कैद हुआ। क्षेत्र में मजदूरों का आवागमन जारी है, इसलिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। जहां-जहां भालुओं की समस्या अधिक है, वहां टीमें तैनात की जा रही हैं।
गुलदारों के बाद अब भालुओं की दहशत से ग्रामीण परेशान हैं। आए दिन ये जंगली जानवर नुकसान पहुंचा रहे हैं। कुछ मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है। सरकार और जिला प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, अन्यथा भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे रानीगढ़, धनपुर, जखोली और केदारघाटी में भालुओं की समस्या गंभीर है। स्थानीय लोग भालुओं को पकड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सके हैं।

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