IPS अर्चना त्यागी के घर क्यों भेजी गई थी दमकल गाड़ी, उत्तराखंड पुलिस ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Why was a fire engine sent to IPS Archana Tyagi's house, Uttarakhand Police revealed the shocking truth

Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो उत्तराखंड पुलिस के गले की फांस बन गया है. वायरल वीडियो जून का है, जब देहरादून में प्रचंड गर्मी पड़ रही थी. बताया जा रहा है कि देहरादून के ईसी रोड में महाराष्ट्र कैडर की सीनियर आईपीएस ऑफिसर अर्चना त्यागी का घर है, जहां पानी की कमी हो गई थी. उत्तरखंड पुलिस के मुताबिक, LPG लीकेज की खबर मिलने पर फायर बिग्रेड की गाड़ी भेजी गई थी और बड़ी दुर्घटना को रोका गया.आईपीएस अर्चना त्यागी के घर पानी सप्लाई करने फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच गई. इस बीच किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया जिसमें कुछ लोग आपस में बात करते भी सुने जा सकते हैं. एक शख्स कहता है कि ‘यह सही इस्तेमाल हो रहा है, घर की पानी की टंकियां भरवा रहे हैं. कहीं आग लग जाए तब.’ हालांकि, न्यूज 18 वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता.वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. इस बीच एडिशनल डायरेक्टर जनरल अमित सिन्हा का बयान सामने आया है. उनका कहना है कि पुलिस विभाग इस बात की पड़ताल करेगा कि किन परिस्थितियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ी पानी सप्लाई करने पहुंच गई.एडीजी सिन्हा ने कहा, ‘मैं यह नहीं कह सकता कि गाड़ी किन परिस्थितियों में वहां पर गई. सबके विषय में मैं देखूंगा. बात करके ही बता पाऊंगा. अभी मैं स्पष्ट रूप से कोई भी चीज बोल नहीं सकता. कौन सी ऐसी नौबत आई थी, कौन सी ऐसी परिस्थिति बनी कि वहां पर पानी मंगवाया गया. अगर बनी तो कितनी अनुचित थी और कितनी उचित थी. ये मैं अभी बोलने की स्थिति में नहीं हूं.’सिन्हा ने आगे कहा, ‘अगर ऐसा हुआ है तो केवल इस कारण से तो यह सही नहीं है. हालांकि इसके पीछे क्या-क्या तथ्य हैं, ये देखना होगा.’कौन हैं आईपीएस अर्चना त्यागीआईपीएस अर्चना त्यागी की पहचान एक ‘सुपरकॉप’ की है. उनकी गिनती तेजतर्रार अधिकारियों में होती है. 2014 में आई फिल्म ‘मर्दानी 2’ इन्हीं की जिंदगी से प्रेरित थी. फिल्म में रानी मुखर्जी ने त्यागी पर आधारित पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी. अर्चना त्यागी मूल रूप से देहरादून की रहने वाली हैं. सिर्फ 21 साल की उम्र में पीजी-डीएवी कॉलेज में लेक्चरर के रूप में पढ़ाने लगी थीं. साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखी. उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ. महाराष्ट्र कैडर मिला. पहली पोस्टिंग संवेदनशील माने जाने वाले कराड़ इलाके में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के रूप में हुई.

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