जनसहभागिता से बदलेगा आईएसबीटी का चेहरा
देहरादून। देहरादून का आईएसबीटी शहर का सबसे व्यस्त परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में स्वच्छता और सुव्यवस्थित प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत दिनों आईएसबीटी में औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था को बारीकी से परखा। उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी मशीनरी का कार्य नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एक्शन मोड में आ गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने एमडीडीए और आईएसबीटी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ विस्तृत बैठक कर पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईएसबीटी में 24 घंटे साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर उदासीनता की गुंजाइश न रहे।
आईएसबीटी में चलाया गया व्यापक स्वच्छता अभियान इसी दिशा में आईएसबीटी परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में एमडीडीए और आईएसबीटी कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई। अभियान के दौरान न केवल आईएसबीटी परिसर, बल्कि उसके बाहर मुख्य मार्ग तक सफाई कार्य किया गया। कूड़ा हटाने के साथ-साथ नालियों की सफाई, बस स्टैंड के विभिन्न ब्लॉकों और प्रतीक्षालयों की सफाई भी की गई ताकि यात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। स्वच्छता अभियान के दौरान परिवहन निगम और अन्य बस ऑपरेटरों के ड्राइवरों और कंडक्टरों को भी जागरूक किया गया। उन्हें पॉलिथीन बैग प्रदान कर समझाया गया कि बसों का कचरा खुले में न फेंकें, बल्कि पॉलिथीन बैग में इकट्ठा कर निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। इससे न केवल परिसर में गंदगी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण भी सुनिश्चित होगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि वाहन कर्मी नियमित रूप से इस प्रक्रिया का पालन करें तो आईएसबीटी परिसर की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
नियमित और सघन स्वच्छता अभियानउपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशानुसार आईएसबीटी के समस्त कर्मचारी अब प्रत्येक बुधवार को सघन स्वच्छता अभियान चलाएंगे। यह अभियान केवल एक औपचारिकता न होकर नियमित और संगठित प्रयास के रूप में किया जाएगा। इसमें न सिर्फ सफाई की जाएगी बल्कि शौचालयों, पेयजल स्थलों, प्रतीक्षालयों और बस प्लेटफॉर्म्स की विशेष सफाई की जाएगी। इससे आईएसबीटी परिसर हमेशा स्वच्छ, सुव्यवस्थित और यात्रा के अनुकूल बना रहेगा।
स्वच्छता में सहयोग देना हर नागरिक की जिम्मेदारी उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि आईएसबीटी जैसे सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने में जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अभियान के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों और कर्मचारियों को लगातार जागरूक किया गया कि स्वच्छता को आदत बनाना आवश्यक है। कूड़ा डस्टबिन में डालना, गंदगी न फैलाना, बसों का कचरा सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना और परिसर की स्वच्छता में सहयोग देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल सरकारी दायित्व न मानकर सामुदायिक दायित्व के रूप में स्थापित करना है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा समग्र रूप से देखा जाए तो मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण ने जहां पूरे प्रशासन को सक्रिय कर दिया है, वहीं एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा नियमित स्वच्छता अभियान यह दर्शाता है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिवर्तन निश्चित होता है। यह पहल केवल आईएसबीटी को स्वच्छ रखने तक सीमित नहीं, बल्कि देहरादून शहर की समग्र छवि को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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