– आईएनएस कुरसुरा और समुद्री मारक जहाज टीयू-142 संग्राहलय का किया भ्रमण
– विजयनगरम स्थित केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय का भी किया दौरा
विशाखापत्तनम। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) देहरादून के तहत उत्तराखंड से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय नौसेना की प्रमुख अंग रही पनडुब्बी आईएनएस कुरसुरा (एस20), और ऐतिहासिक टीयू-142 विमान संग्रहालय का भ्रमण किया। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने विजयनगरम स्थित केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय का भी दोरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जहां आंध्र प्रदेश के जनजातीय समूहों के उत्थान के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी हासिल की वहीं भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी जानकारी हासिल की।
उत्तराखंड से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार सुबह 1971 के भारत-पाक युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाली ऐतिहासिक पनडुब्बी आईएनएस कुरसुरा (एस20) का भ्रमण किया। यह वही पनडुब्बी है जिसने बंगाल की खाड़ी में सक्रिय रहते हुए पाकिस्तानी नौसेना के खिलाफ युद्ध में निर्णायक भूमिका अदा की थी।
इस मौके पर ऑनरेरी सब लेफ्टिनेंट (रिटायर्ड) अनिल करने चौधरी ने पत्रकारों को पनडुब्बी के भीतर ले जाकर इसके विभिन्न हिस्सों की जानकारी दी। उन्होंने पनडुब्बी के इसके संचालन, रणनीति और तकनीकी क्षमताओं के बारे में विस्तार से बताया। भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने टॉरपीडो कक्ष, कमांड रूम, क्रू क्वार्टर, इंजन रूम देखा। गौरतलब है कि आईएनएस कुरसुरा ने तीन दशक तक भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा की। आईएनएस कुरसुरा को 1999 में सेवा से मुक्त कर दिया गया। 2001 में इसे विशाखापत्तनम के रामकृष्णा बीच पर संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया।
इसके बाद पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक टीयू-142 विमान संग्रहालय का भ्रमण किया। इस दौरान पत्रकारों ने भारतीय नौसेना की गौरवशाली विरासत और समुद्री सुरक्षा में टीयू-142 विमान की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संग्रहालय के अधिकारी रणजीत सिंह ने बताया कि टीयू-142 विमान भारतीय नौसेना में लंबी दूरी की समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए उपयोग में लाया जाता था। यह विमान अपनी उत्कृष्ट तकनीक, लंबी उड़ान क्षमता और रणनीतिक महत्व के कारण भारतीय नौसेना की शक्ति का प्रतीक रहा है। वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त होने के बाद इसे संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया, ताकि आमजन और युवाओं को नौसेना के इतिहास से परिचित कराया जा सके।
पीआईबी के सहायक निदेशक और दौरे के समन्वयक संजीव सुंद्रियाल ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य विभिन्न पत्रकारों को देश की सामरिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना तथा सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों ने अनुभव साझा करते हुए इसे ज्ञानवर्द्धक और प्रेरणादायक बताया।
वहीं, पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने विजयनगरम में स्थित केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय का भ्रमण कर आंध्र प्रदेश समेत देश की विभिन्न जनजातीय समुदायों के छात्रों को यहां दी जा रही आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा के बारे में जानकारी दी गयी। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर (इंचार्ज) टी. श्रीनिवासन ने प्रोजेक्टर के माध्यम से विश्वविद्यालय की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी वूमैन टेक्नोलॉजी पार्क बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्ररार, जितेंद्र मोहन मिश्रा ने कहा कि इस यूनिवर्सिटीज में 8 राज्यों के छात्र उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इस मौके पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और स्मृति चिन्ह प्रदान किये।
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