ज्योतिर्मठ पुनर्निर्माण में तेजी, एनडीएमए बोला—हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है केंद्र सरकार –

 
स्थानीय सहभागिता, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर; प्रभावित परिवारों की आजीविका को भी मिलेगी प्राथमिकता
देहरादून। ज्योतिर्मठ भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र में संचालित पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। एनडीएमए की सदस्य रीता मिस्सल एवं सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा, उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं।
बैठक में पुनर्वास कार्यों में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए रीता मिस्सल ने कहा कि प्रत्येक निर्णय स्थानीय लोगों का विश्वास जीतते हुए लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और एनडीएमए ज्योतिर्मठ के प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा सुरक्षित आवास के साथ उनकी आजीविका के स्थायी पुनर्निर्माण को भी समान प्राथमिकता दी जाएगी। प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
एनडीएमए सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि ज्योतिर्मठ में भूधंसाव की स्थिति का नियमित वैज्ञानिक जोखिम आकलन आवश्यक है। उन्होंने आधुनिक मॉनिटरिंग उपकरण शीघ्र स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि वास्तविक समय में भूमि की गतिविधियों की निगरानी से समय रहते प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई और भरोसा दिलाया गया कि आवश्यकता पड़ने पर एनडीएमए राज्य सरकार को हरसंभव तकनीकी और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराएगा।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ज्योतिर्मठ पुनरुत्थान परियोजना के लिए स्वीकृत 292 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त से ढाल स्थिरीकरण, टो प्रोटेक्शन, सीवर और ड्रेनेज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। एनडीएमए ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने बताया कि असुरक्षित घोषित 55 भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एनडीएमए ने संभावित जोखिम को शीघ्र समाप्त करने के लिए इस अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि राज्य सरकार ज्योतिर्मठ पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है, ताकि प्रत्येक प्रभावित परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराया जा सके।
धनराशि के प्रभावी उपयोग पर भी बनी रणनीति
बैठक में वर्ष 2025 की विभिन्न आपदाओं के बाद पीडीएनएन-2025 के अंतर्गत स्वीकृत 811 करोड़ रुपये की धनराशि के प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 182.67 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त राज्य को प्राप्त हो चुकी है। एनडीएमए ने निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और परिणामोन्मुख उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण परियोजनाओं को गति मिल सके और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं सुरक्षा का नया विश्वास स्थापित हो।

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