देहरादून: 15 अगस्त 1947 को ब्रिटानिया हुकूमत से भारत की आजादी समारोह आयोजन से पूर्व ही पूज्य बापू महात्मा गांधी जवाहरलाल नेहरू सरदार पटेल डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम के सम्मानित नेताओं ने कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए 3 मई 1947 को ही राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक की स्थापना करते हुए स्वर्गीय गुलजारीलाल नंदा को राष्ट्रीय इंटक का अध्यक्ष नियुक्त करते हुए श्रमिक वर्ग को भी आजादी का हिस्सेदार बनाया।
इंटक स्थापना दिवस के संदर्भ में दिनांक 3 मई 2026 को उत्तराखंड प्रदेश इंटक अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में कांग्रेस भवन देहरादून स्थित सभागार में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से भारी संख्या में पहुंचे प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किये।
स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा भारत सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के कारण कामगारों का हो रहे शोषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा उत्तराखंड प्रदेश के भाजपा सरकार द्वारा सेलाकुई देहरादून हरिद्वार सिडकुल उधम सिंह नगर नैनीताल एवं प्रदेश के विभिन्न विभागों संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी को पुरानी पेंशन योजना का लाभ न दिए जाने से आंदोलनरत कर्मचारी को अति शीघ्र न्याय दिलाने पर जोर दिया गया। स्थापना दिवस के पावन अवसर पर नैनीताल हाई कोर्ट के आदेश पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सहमति के बाद भी उपनल के कर्मचारियों को समान कार्य का समान वेतन दिए जाने के आदेश जारी होने पर भी विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही हीला हवाली पर वक्ताओं ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
अपने संबोधन में प्रदेश इंटक अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने प्रदेश सरकार की गरीब मजदूर किसान युवा महिला विरोधी सरकार द्वारा विभिन्न निजी संस्थाओं में फेयर वेज पॉलिसी को नजरअंदाज करके श्रमिकों का शोषण किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों तथा संस्थाओं में लगभग 60000 पद रिक्त होते हुए भी युवाओं को नियमित रोजगार नहीं दिया जा रहा है जिससे उत्तराखंड के युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा इस सरकार की ढुलमुल नीति के कारण पेपर लीक पद्धति बेरोजगारों के साथ मजाक बना दिया गया है और अपराधी के तत्वों द्वारा अपने स्वार्थ के लिए इस प्रकार की गैर सामाजिक नीति उद्योग बना दी गई है।
प्रदेश इंटक के प्रमुख महामंत्री ए पी अमोली ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण उद्योगपतियों को बढ़ावा देकर श्रमिकों से 8 घंटे से अधिक काम लेकर ओवर टाइम भी नहीं दिया जाता साप्ताहिक अवकाश का कोई कानून लागू नहीं हो रहा है महिला कर्मियों को सरकार द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार कार्य स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं की जा रही है।
अपने संबोधन में प्रदेश इंटक अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने प्रदेश सरकार की गरीब मजदूर किसान युवा महिला विरोधी सरकार द्वारा विभिन्न निजी संस्थाओं में फेयर वेज पॉलिसी को नजरअंदाज करके श्रमिकों का शोषण किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों तथा संस्थाओं में लगभग 60000 पद रिक्त होते हुए भी युवाओं को नियमित रोजगार नहीं दिया जा रहा है जिससे उत्तराखंड के युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा इस सरकार की ढुलमुल नीति के कारण पेपर लीक पद्धति बेरोजगारों के साथ मजाक बना दिया गया है और अपराधी के तत्वों द्वारा अपने स्वार्थ के लिए इस प्रकार की गैर सामाजिक नीति उद्योग बना दी गई है।
प्रदेश इंटक के प्रमुख महामंत्री ए पी अमोली ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण उद्योगपतियों को बढ़ावा देकर श्रमिकों से 8 घंटे से अधिक काम लेकर ओवर टाइम भी नहीं दिया जाता साप्ताहिक अवकाश का कोई कानून लागू नहीं हो रहा है महिला कर्मियों को सरकार द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार कार्य स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं की जा रही है।
कार्यक्रम में सर्वश्री वीरेंद्र नेगी, ए पी अमोली, अनिल कुमार, विक्टर थॉमस, तिजेन्द्र सिंह रावत, हिमांशु नेगी, पंकज छेत्री, कलीम अहमद, मनोज कुमार, बालेश कुमार, गिरीश उप्रेती, धनश्याम गुरंग, तनवीर आलम, राकेश राजपूत अरविंद राजपूत राजवीर सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
Post Views: 1
Post navigation
हल्द्वानी। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित सभी योजनाओं की जानकारी अब महिलाओं को…
Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है…
शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा…
नैनीताल में बिना अनुमति चल रहे होमस्टों पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा | Administration tightens…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE /Dehradun The Dehradun district administration imposed Section 163 of the Bharatiya…
Nainital: झीलों के शहर में छिपे हैं सुकून के ऐसे राज, जिन्हें देखकर हर यात्री…