मां नंदा की वार्षिक लोकजात यात्रा 23 अगस्त से 10 सितंबर तक :
जनपद चमोली : 20 अगस्त से मेले के साथ शुरू हुई हिमालय की आराध्य माँ नंदा की वार्षिक लोकजात यात्रा सम्पन्न हुई ।क्षेत्र वासियो ने नंदा सप्तमी के दिन नम आंखों से माँ नंदा को कैलाश विदा किया ।अब ठीक एक साल के बाद माँ नंदा यह उत्सव आयोजित होगा ।हिमालय के उच्च हिमालयी बुग्यालों में श्रद्धालुओं नें पौराणिक लोकगीतों और जागर के साथ माँ का आशीर्वाद लिया और अगले साल पुनः मिलने का निमंत्रण दिया ।
लोकल मान्यता के अनुसार माँ नंदा वहाँ की ध्याण है । इसलिए “ध्याण” को ससुराल कैलाश को विदा करते समय महिलाये रोने लगी ।इस दौरान श्रद्धालुओं नें अपने साथ लाये खाजा- चूडा, बिंदी, चूडी, ककड़ी, मुंगरी भी समौण के रूप में माँ नंदा को अर्पित किये।
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