मां नंदा की वार्षिक लोकजात यात्रा 23 अगस्त से 10 सितंबर तक : – myuttarakhandnews.com

चमोली गढ़वाल :हर साल सीमांत जनपद चमोली में भादो के महीने मां नंदा की वार्षिक लोकजात का आयोजन होता है। वार्षिक लोकजात कई मायनों में 12 बरसों में आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात से भी ज्यादा विस्तारित है। जनपद चमोली के 7 विकासखंडों और अलकनंदा, मन्दाकिनी, पिंडर घाटी के 800 से अधिक गांवो में नंदा की वार्षिक लोकजात यात्रा के दौरान लोकोत्सव का उल्लास रहता है, चारों ओर माँ नंदा के जयकारे गुंजयमान होते है। इस दौरान गांवों में भारी चहल पहल रहती है, वहीं ध्याणियां भी मां नंदा से मिलने अपने अपने मायके पहुंच जाती है। नंदा की वार्षिक लोकजात जिसमें बंड की नंदा डोली की लोकजात नरेला बुग्याल, नंदा दशोली डोली की लोकजात कुरूड से चलकर बालपाटा, राजराजेश्वरी की डोली कुरूड से चलकर बेदनी बुग्याल में तर्पण पूजा के बाद सम्पन्न होती है।
श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी मंदिर कमेटी (परगना नन्दाक बधाण) द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार इस बार राजराजेश्वरी नंदा देवी की लोकजात यात्रा 23 अगस्त से 10 सितंबर तक आयोजित होगी।
नंदा की वार्षिक लोकजात यात्रा 2024 का ये है कार्यक्रम!
मेला कमेटी कुरुड़ के नरेश गौड़ ने बताया की 21 अगस्त से 23 अगस्त तक कुरूड धाम में तीन दिवसीय मेला का आयोजन किया जायेगा जिसके बाद मां नंदा को हिमालय की ओर विदा किया जाएगा..
23 अगस्त को कुरुड़ से चरबंग.24- सितम्बर को चरबंग से मथकोट.25- मथकोट से धुर्मा26- धुर्मा से मोख मल्ला27- मोख मल्ला से बांसवाड़ा28- बांसवाड़ा से उस्तोली29- उस्तोली से भेंटी30- भेंटी से कोलपुडी31 कोलपुड़ी से गोप (बूंगा)01 सितंबर – गोपटारा (बूंगा) से डुंग्री2 सितंबर – डुग्रीं से सूना3- सूना से चेपडो़4- चेपड़ो से – चेपडो से धरतल्ला5 -धारतल्ला से इच्छोली6- इच्छोली से फल्दियागांव7- फल्दिया गॉव से मुन्दोली8 – मुन्दोली से वाण9- वाण से गेरोली पातल9- वाण से गेरोली पातल10 सितंबर – गेरोली से वेदनी बुग्याजहाँ तर्पण और माँ नंदा की पूजा के बाद वेदनी मेला संपन्न होगा। बेदनी के बाद नंदा की डोली रात्री विश्राम को बांक गाँव पहुंचेगी।11 – बांक से ल्वाणी.12 -ल्वाणी से उंलग्रा.13- उंलग्रा से बेराधार14- बेराधर से गोठिंडा15- गोठिंडा से कुराड़16- कुराड से डांखोली17- डांखोली से सिद्ध पीठ देवराडा मे बधाण की नंदा राजराजेश्वरी की डोली अगले 6 महिने के लिये स्थापित होगी फिर उतरायन मे देवी अपने मायके नंदा धाम कुरूड़ हेतु प्रस्थान करेगी।

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