उत्तराखंड में धामी सरकार ने एक जुलाई से काबलियाई शिक्षा देने वाले पांच सौ से अधिक मदरसों को बंद करने का फरमान सुना दिया है , उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया है। अब राज्य में सभी अल्पसंख्यक समुदाय एक शिक्षा प्राधिकरण की अम्ब्रेला के नीचे पंजीकृत होकर , उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेंगे। यानि सभी मदरसों का पंजीकरण समाप्त हो गया है और अब उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल होना होगा।
धामी सरकार ऐसा शिक्षा प्रबंधन लागू करने वाली पहली भाजपा शासित राज्य सरकार होगी जोकि सभी के लिए एक शिक्षा नीति ला रही है। मदरसों के स्थान पर प्राइमरी,माध्यमिक ,उच्चतर माध्यमिक शिक्षण संस्थान अब अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा देंगे इनका स्लेवस उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण तैयार करेगा। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ सुरजीत गांधी कहते है कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाना अनिवार्य है और यदि कोई विद्यालय धार्मिक शिक्षा भी देता है तो वहां क्या पढ़ाया जाएगा उसे भी प्राधिकरण ही तय करके देगा। एक जुलाई नजदीक है इसलिए मदरसा बंद होने का समय भी नजदीक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कह दिया है कि एक जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म हो जाएगा यानि उसके अधीन सभी मदरसे भी बंद हो जाएंगे। मदरसा बोर्ड उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ शम्मूम कासमी भी कहते है कि धामी सरकार का ये फैसला मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने लिए सराहनीय है।
क्या है अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण?मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल ने “उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों संबंधी मान्यता नियमावली–2026” को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह नियमावली “उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम–2025” की धारा 19 के अंतर्गत प्राप्त नियम-निर्माण की शक्ति के आधार पर तैयार की गई है। समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री खजान दास ने इस निर्णय को अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरगामी एवं महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मदरसा बोर्ड का विघटन एवं नई व्यवस्थाउत्तराखण्ड शासन के एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के अंतर्गत उत्तराखण्ड मदरसा बोर्ड को 1 जुलाई 2026 से विधिवत रूप से समाप्त किया जा रहा है। इसके स्थान पर उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (USAME) को समस्त अधिकार एवं दायित्व सौंपे जा रहे हैं। राज्य में 452 पंजीकृत मदरसे हैं जो अब तक उत्तराखण्ड शिक्षा बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त कर संचालित हो रहे थे। नई व्यवस्था के अंतर्गत इन सभी मदरसों को
प्रथम चरण- उत्तराखण्ड शिक्षा बोर्ड से विधिवत सम्बद्धता प्राप्त करनी होगी
द्वितीय चरण- तत्पश्चात् उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से नई नियमावली के अंतर्गत मान्यता प्राप्त करनी होगी
यह दो-चरणीय प्रक्रिया शैक्षणिक मानकों की निरंतरता एवं संस्थागत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।
नियमावली की प्रमुख विशेषताएँमान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक समुदाय
इस नियमावली के अंतर्गत मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन एवं पारसी- इन छः समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
संस्थानों को निर्धारित सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा आवश्यक दस्तावेज़ एवं शुल्क जमा करना होगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता एवं सुगमता सुनिश्चित करेगी।
मान्यता की वैधता एवं नवीनीकरण
प्रत्येक मान्यता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगी। नवीनीकरण हेतु अवधि समाप्त होने से कम से कम तीन माह पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा।
पात्रता मानदंड
आवेदन की समीक्षा में संस्थान की अल्पसंख्यक पहचान, भूमि स्वामित्व, वित्तीय स्थिति, स्टाफ योग्यता एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रतिबद्धता का परीक्षण किया जाएगा।
प्राधिकरण (USAME) की निगरानी
प्राधिकरण प्रत्येक आवेदन की समीक्षा करेगा। आवश्यकता होने पर भौतिक निरीक्षण भी किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् मान्यता निरस्त करने का प्रावधान भी किया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा-“हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मदरसा बोर्ड के स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना एवं नई नियमावली से शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। यह निर्णय समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक सुदृढ़ कदम है।”
समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा-“452 पंजीकृत मदरसों को नई व्यवस्था के अंतर्गत लाना एक सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक सुधार है। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण न केवल इन संस्थानों को कानूनी संरक्षण प्रदान करेगा, अपितु शिक्षा की गुणवत्ता एवं सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ करेगा। राज्य सरकार सभी समुदायों के समग्र विकास हेतु सदैव तत्पर है।”
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: Governor Lt Gen (Retd) Gurmit Singh, addressing probationers…
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए 35 कार्यकर्तियां भी सम्मानित होंगी 8 अगस्त को देहरादून में…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 18 Aug: Senior BJP leader Vivekanand Khanduri has issued a…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: BJP state media in-charge Manveer Singh Chauhan today…
सौड़ा सरौली में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूर्णता की ओर, कलिंगा नहर बहाल होने से…
Following the accident in the THDC tunnel currently under construction, and acting under the directives…