देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से रविवार को परेड ग्राउंड के बाहर महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में वक्ताओं ने अंकिता के माता-पिता की ओर से केस दर्ज कराने, वीआईपी का खुलासा करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग उठाई।
महापंचायत में अंकिता भंडारी के माता-पिता भी मौजूद रहे। मंच से न्याय की अपील के दौरान माहौल भावुक हो गया।
हरीश रावत ने उठाए जांच पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता अपने परिवार की गरीबी दूर करने की उम्मीद में रिजॉर्ट में नौकरी करने गई थीं। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने में देरी और साक्ष्य न जुटा पाने को लेकर सवाल खड़े किए।रावत ने कहा कि जब सरकार सीबीआई जांच करवा रही है, तो अंकिता के माता-पिता की ओर से एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाई गई।
सीपीआई (माले) के इंद्रेश मैखुरी ने इस हत्याकांड की तुलना एपस्टीन फाइल्स से करते हुए इसे गंभीर साजिश करार दिया। इसके बाद उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत और निर्मला बिष्ट ने भी अपने विचार रखे।
“मेरी बेटी नहीं झुकी, मैं कैसे झुकूं”
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए।उन्होंने कहा,“जब मेरी बेटी नहीं झुकी, तो मैं कैसे झुक सकता हूं।”
इस दौरान मंच पर मौजूद अंकिता की मां सोनी देवी भावुक हो गईं और उनके आंसू छलक पड़े।
महापंचायत में जस्टिस फॉर अंकिता मंच श्रीनगर की रेशमा पंवार, महिला किसान अधिकार मंच ऊधमसिंह नगर की हीरा जंगपांगी, उत्तराखंड महिला मंच नैनीताल की बसंती पाठक, राज्य आंदोलनकारी ऊषा भट्ट और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की उमा भट्ट ने पंच की भूमिका निभाई।
“नेपाल की तर्ज पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश”
दूसरी ओर देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती ने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड की आड़ में कुछ लोग प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच चल रही है और चाहे कोई वीआईपी हो या ताकतवर, कोई भी नहीं बचेगा।
उन्होंने दावा किया कि देश की जनता को सीबीआई पर पूरा भरोसा है और कुछ स्वार्थी तत्व उत्तराखंड के युवाओं को नेपाल की तर्ज पर भड़काकर अराजकता फैलाना चाहते हैं।
साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका जताई
स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के दोषी जेल में सजा काट रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब हाल ही में वीआईपी को लेकर नई बातें सामने आईं, तो उन्होंने उर्मिला सनावर को सुरक्षित रूप से जनता के सामने लाया।उन्होंने आशंका जताई कि यदि उर्मिला के साथ कोई अनहोनी होती, तो साक्ष्य मिटाने के आरोप लगते और प्रदेश में अशांति फैल सकती थी।
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