
देहरादून, । अर्जुन अवॉर्डी और पैरालंपिक बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता की सीमा नहीं, बल्कि उसकी अदृश्य और विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने का अवसर है। जरूरत है तो बस उनकी प्रतिभा और सामर्थ्य पर विश्वास करने की। वह आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में “चुनौतियों को सफलता के अवसरों में बदलने” के विषय पर आयोजित अतिथि व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। मनोज सरकार ने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति सोच में बदलाव की शुरुआत परिवार से होनी चाहिए। परिवार बच्चों को यह विश्वास दिलाए कि वे किसी से कम नहीं हैं और अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें आवश्यक सहयोग, सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएं। हमें भी ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जहां समान अवसर के साथ हर व्यक्ति अपनी क्षमताओं के बल पर आत्मनिर्भर बन सके। कुलपति डॉ नरपिंदर सिंह ने कहा कि दिव्यांगता अक्षमता नहीं समाज द्वारा खड़ी की गई बड़ी चुनौती हैं। दिव्यांगजनों को सम्मान, प्रोत्साहन, सुगम पहुंच और समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानो से समावेशी वातावरण बनाने और छात्रों से दिव्यांग साथियों को हर गतिविधि में समान रूप से शामिल करने का आह्वान किया। इस अतिथि व्याख्यान का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ कॉमर्स ने किया। कार्यक्रम में स्कूल ऑफ़ कॉमर्स की हेड डॉ रूपा खन्ना शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।




