नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नई सुविधा जल्द ही तैयार होने जा रही है। यहाँ पर श्रद्धालु ‘ओम’ आकार के कांच के पुल से बाबा नीब करौली महाराज के दर्शन कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जो न केवल आध्यात्मिक यात्रा को खास बनाएगा बल्कि एडवेंचर का भी अनुभव कराएगा।
बन रहा है स्टेट ऑफ द आर्ट पुलइस पुल को पूरी तरह से आधुनिक और स्टेट ऑफ द आर्ट थीम पर डिज़ाइन किया गया है। इसमें एंटी-स्लिप सतह, व्यू-पॉइंट और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसकी कुल लंबाई 36 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर होगी। अद्भुत शिप्रा घाटी के दर्शन करते हुए श्रद्धालुओं को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। पुल के दाहिने एबटमेंट का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बायीं ओर का काम चल रहा है।
संरचना में सुरक्षा का ध्यानइस ओम आकार के पुल का निर्माण नई तकनीक का इस्तेमाल करके किया जा रहा है। इसमें हाई-स्ट्रेंथ सेफ्टी ग्लास का उपयोग होगा, जो भारी वजन और झटकों को सहन कर सकेगा। सुरक्षा के मद्देनजर एंटी-स्लिप ग्लास, मजबूत रेलिंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह पूरा ढांचा इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह कम रखरखाव की आवश्यकता रखे और मौसम की चुनौतियों का सामना कर सके।
शिप्रा नदी के नज़ारे का आनंदग्लास ब्रिज के फर्श पर विशेष पारदर्शी ग्लास लगाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी और उसके आस-पास की घाटियों के खूबसूरत नज़ारे दिखाई देंगे। यह पुल मौजूदा पुराने पुल के बगल में बनाया जा रहा है, ताकि बढ़ते यातायात के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सके।
धाम का सर्वांगीण विकासडीएम नैनीताल ने बताया कि ग्लास ब्रिज के निर्माण के साथ-साथ ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत धाम का समग्र विकास किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ध्यान केंद्र, जन-सुविधा केंद्र और आधुनिक मार्गों का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत ₹1759.50 लाख है, और इसका लक्ष्य कैंची धाम को एक मॉडल धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधाधाम में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ₹4081.39 लाख की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्किंग में कुल 340 पाइल और 89 कॉलम का काम पूरा हो चुका है, और ग्राउंड फ्लोर का कार्य चल रहा है। इससे स्थान की कमी को कम करते हुए अधिक वाहनों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
कैंची धाम का ऐतिहासिक महत्वकैंची धाम 1960 में शिप्रा नदी के किनारे स्थापित हुआ था, और इसे बाबा नीब करौली महाराज ने विकसित किया था। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इस धाम में अब युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो इसे और अधिक खास बनाता है।
उत्तराखण्ड में एनसीसी के विस्तार एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा…
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में पीजी और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की गतिविधियों पर नजर…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: A grand celebration of national pride, artistic expression,…
देहरादून। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एसटीएफ उत्तराखंड और औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: A meeting of the Road Safety Monitoring Committee was held…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: Governor Lt Gen (Retd) Gurmit Singh, addressing probationers…