
देहरादून। शहर में साइकिल चालकों की सड़क सुरक्षा, बेहतर साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित यातायात व्यवस्था की मांग को लेकर ‘Cycle for Change’ मूवमेंट के तहत 100 से अधिक साइकिलिस्ट एकजुट हुए। अभियान का उद्देश्य केवल साइकिलिंग को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि देहरादून को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और साइकिल फ्रेंडली शहर बनाने की दिशा में ठोस पहल करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तरांचल प्रेस क्लब से हुआ। देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल ने साइकिलिस्टों को हरी झंडी दिखाकर करीब 12 किलोमीटर लंबी राइड को रवाना किया। राइड बुद्धा चौक, दर्शन लाल चौक, घंटाघर, बिंदाल ब्रिज, किशन नगर चौक, एस्ले हॉल चौक और कनक चौक होते हुए पुनः उत्तरांचल प्रेस क्लब पहुंचकर संपन्न हुई।अभियान में शहर की विभिन्न साइकिलिंग कम्युनिटीज के राइडर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें पहाड़ी पैडलर, रोड स्पिन वॉरियर, सरमंग, मैत्री एडवेंचर क्लब, अरण्यानी, स्पिन एंड स्ट्राइड, बाइक क्राफ्ट, देहरादून एंड्यूरेंस क्लब, विकासनगर एथलेटिक्स क्लब और साइकिल सखी प्रमुख रूप से शामिल रहे।साइकिल चालकों को भी मिले सुरक्षित सड़क का अधिकारमहापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून में हरित यातायात और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए साइकिल चालकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। ‘Cycle for Change’ नागरिकों और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद का माध्यम है। नगर निगम साइकिल लेन और सुरक्षित राइडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बच्चे, युवा और आम नागरिक बिना भय के साइकिलिंग कर सकें।पद्म भूषण पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। लोगों को साइकिलिंग के लिए प्रेरित करने के साथ ही सुरक्षित सड़कें और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।रोड स्पिन वॉरियर के अनिल गुरुंग ने कहा कि साइकिल चालक भी सड़क पर बराबर के हकदार हैं। केवल साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए सुरक्षित सड़कें और उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।VAC के संस्थापक प्रभजोत सिंह ने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन से जोड़ना है तो बच्चों और युवाओं के लिए सुरक्षित साइकिलिंग मार्ग तैयार करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।साइकिलिस्ट चांदनी अरोड़ा ने कहा कि देहरादून में अब महिला साइकिलिस्ट भी बड़ी संख्या में आगे आ रही हैं। हालांकि, साइकिल के लिए उपयुक्त लेन न होने से उन्हें कई बार असहजता महसूस होती है। सरकार इस दिशा में ध्यान दे तो देहरादून को देश के प्रमुख साइकिलिंग शहरों में पहचान मिल सकती है।डेडिकेटेड साइकिल लेन से लेकर बच्चों की सुरक्षा तक उठे मुद्दे‘Cycle for Change’ अभियान के दौरान शहर में डेडिकेटेड साइकिल लेन, सुरक्षित सड़क डिजाइन, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य जागरूकता और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित साइकिलिंग कॉरिडोर विकसित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।आयोजकों ने बताया कि हाल ही में संपन्न National Cycling Conclave में प्राप्त सुझावों के आधार पर साइकिलिस्टों की सुरक्षा और बेहतर साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक ज्ञापन केंद्र सरकार को डाक के माध्यम से भेजा गया है। इसमें साइकिल चालकों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति तैयार करने का आग्रह किया गया है।डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की प्रस्तावित 53 दिवसीय साइकिल यात्रा को लेकर ‘Promo Ride’कार्यक्रम में पद्म भूषण पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की विशेष उपस्थिति रही। आगामी 2 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित उनकी 53 दिवसीय नेपाल से भारत साइकिल यात्रा के प्रति जागरूकता के लिए ‘Promo Ride’ भी आयोजित की गई। डॉ. जोशी ने बताया कि इस यात्रा में करीब 20 लोग शामिल होंगे। उन्होंने देहरादून के साइकिलिस्टों से मुलाकात कर प्रस्तावित यात्रा को लेकर चर्चा भी की।उम्र सिर्फ एक नंबर, 100 वर्षीय वेद प्रकाश दुग्गल बने प्रेरणाकार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। 100 वर्षीय वेद प्रकाश दुग्गल और 87 वर्षीय प्रकाश नांगिया ने पूरे उत्साह के साथ साइकिल चलाकर संदेश दिया कि फिटनेस और साइकिलिंग के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। दोनों की भागीदारी ने युवा साइकिलिस्टों का भी उत्साह बढ़ाया।कार्यक्रम में पर्यावरणविदों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।निरंतर जारी रहेगा ‘Cycle for Change’ अभियानआयोजकों के अनुसार ‘Cycle for Change’ केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि देहरादून को सुरक्षित, प्रदूषण-मुक्त और साइकिल फ्रेंडली शहर बनाने की दिशा में निरंतर चलने वाला संवाद और प्रयास है। अभियान के माध्यम से प्रशासन, नागरिकों और साइकिलिंग समुदाय के बीच समन्वय स्थापित कर सुरक्षित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।राइड में वेद प्रकाश दुग्गल, प्रकाश नांगिया, अक्षय तोमर, अनिल गुरुंग, हिमानी गुरुंग, आकाश, देव कैंतुरा, राजेश, निधि, सीमा, रीना, विनोद खाती, अखिलेश, अंकित, अंशुमान, प्रदीप नेगी, आर्यन, अशोक लिम्बु, मयंक चावला, सचिन शर्मा, नितिन गोयल, दीपक मित्तल, देवेंद्र गुरुंग, गणेश मल्ला, गोपाल सिंह राणा, कार्तिक, नव, राजन गुप्ता, राकेश थापा, रेहान सिद्दीकी, संजीव थापा, सतीश, सौरभ नेगी, विजय बाबू, विकास उनियाल, शिवानी और तजिन्द्र सहित बड़ी संख्या में साइकिलिस्ट शामिल रहे।




