त्रिवेणी घाट जैसे पवित्र स्थल पर नाबालिगों द्वारा जुआ-सट्टा, निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल – पर्वतजन

सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता **रछपाल सिंह सैनी** ने 7 फरवरी की शाम लगभग 5:11 बजे ऋषिकेश स्थित **त्रिवेणी घाट** के समीप गंगा तट क्षेत्र में एक चिंताजनक दृश्य को वीडियो में रिकॉर्ड किया। यह वही स्थान है जहाँ प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक स्नान, पूजा तथा संध्या गंगा आरती में सम्मिलित होने आते हैं।
त्रिवेणी घाट पूर्णतः सक्रिय, खुला और अत्यंत व्यस्त धार्मिक स्थल है। घाट परिसर में भगवान शिव और माता पार्वती की विशाल एवं भव्य प्रतिमा स्थापित है, जिसमें भगवान शिव को बाघ की पीठ पर आसीन तथा उनके जटाजूट में देवी गंगा को दर्शाया गया है। यह प्रतिमा घाट के आध्यात्मिक और पवित्र वातावरण को और अधिक गरिमामय बनाती है।
इसी पवित्र स्थल के निकट, वीडियो में **तीन नाबालिग बच्चे** कथित रूप से **सिक्का उछालकर (हेड-टेल)** के माध्यम से **छोटी राशि की सट्टा/जुए जैसी गतिविधि** करते हुए दिखाई देते हैं। यह स्थिति न केवल कानूनी दृष्टि से आपत्तिजनक है, बल्कि धार्मिक स्थल की मर्यादा और सामाजिक मूल्यों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।

सबसे गंभीर बात यह है कि **त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी मात्र एक मिनट की दूरी पर स्थित है**, इसके बावजूद इस प्रकार की गतिविधि का खुलेआम होना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है। इसके साथ ही, त्रिवेणी घाट पर होने वाली **दैनिक, निःशुल्क संध्या गंगा आरती**, जिसका संचालन **श्री गंगा सभा** द्वारा किया जाता है, वह स्थान भी इसी क्षेत्र के बेहद निकट है। इतने संवेदनशील और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों को न रोका जाना चिंताजनक माना जा रहा है।
RTI एक्टिविस्ट रछपाल सिंह सैनी ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर नाबालिगों का इस प्रकार जुए जैसी गतिविधियों में संलिप्त होना समाज और प्रशासन—दोनों के लिए चेतावनी है। उन्होंने स्थानीय पुलिस, नगर प्रशासन और संबंधित धार्मिक संस्थाओं से मांग की कि घाट क्षेत्र में **नियमित गश्त, कड़ी निगरानी, CCTV मॉनिटरिंग और जन-जागरूकता अभियान** चलाए जाएँ, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का भी मानना है कि त्रिवेणी घाट जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक स्थल पर अनुशासन, सुरक्षा और नैतिक वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अब देखना यह है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद संबंधित विभाग कितनी शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करते हैं।

Sapna Rani

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