देहरादून,। ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 5 वर्षीय बच्चे का उन्नत पीओईएम तकनीक से सफल उपचार कर उसे नई जिंदगी दी। यह उन्नत इलाज उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में इतनी कम उम्र के बच्चे में पहली बार सफलतापूर्वक किया गया है।
पांच वर्षीय यह बच्चा पिछले तीन वर्षों से निगलने में गंभीर कठिनाई और बार-बार उल्टी की समस्या से परेशान था। इस वजह से उसका पोषण लगातार प्रभावित हो रहा था और सामान्य जीवन जीना भी उसके लिए चुनौती बन गया था। कई अस्पतालों में उपचार कराने के बावजूद उसकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो पाया।
ग्राफिक एरा अस्पताल में विशेषज्ञों के विस्तृत जांच के बाद बच्चे में अकालेशिया कार्डिया रोग की पुष्टि हुई। बच्चों में यह रोग बेहद दुर्लभ होता है और इतनी कम उम्र में इस तरह की प्रक्रिया करना उच्च स्तर की विशेषज्ञता और अनुभव की मांग करता है। मामले की जटिलता को देखते हुए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के हेड डॉ. सचिन देव मुंजाल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने उन्नत पीओईएमएस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक कर कामयाबी हासिल की।
पीओईएमएस के नाम से जानी जाने वाली यह प्रक्रिया ऐक्लेशिया कार्डिया और आहारनली संबंधी अन्य बीमारियों का इलाज करने की एक आधुनिक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है। यह पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बिना चीरा लगाए, कम दर्द देने वाली और एंडोस्कोप की सहायता से की जाती है। इस प्रक्रिया से मरीज़ जल्दी स्वस्थ होते हैं।
उपचार के बाद बच्चे की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला है। अब वह बिना किसी परेशानी के सामान्य रूप से भोजन कर रहा है और उल्टी की समस्या पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
ग्राफिक एरा अस्पताल की यह उपलब्धि न केवल ग्राफिक एरा में उपलब्ध उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद भी जगाती है।
किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने अथवा किसी व्यक्ति के संदिग्ध प्रतीत होने पर…
नैनीताल: जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश…
देहरादून। दून में एक और बड़ा चिटफंड घोटाला सामने आया है। छह से सात प्रतिशत…
देर रात पुलिस टीमों ने चलाया आकस्मिक चेकिंग अभियान, 4 संदिग्ध युवकों को पूछताछ के…
उत्तराखण्ड में एनसीसी के विस्तार एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा…
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में पीजी और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की गतिविधियों पर नजर…