न्यूगो ने भारत में पूरे किए 3 साल; देश के इलेक्ट्रिक इंटरसिटी सेगमेंट में है सबसे आगे – my uttarakhand news

देहरादून-  ग्रीनसेल मोबिलिटी के अग्रणी इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस ब्रांड न्यूगो ने अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं और यह पर्यावरण के अनुकूल इंटरसिटी यात्रा में अग्रणी बन गया है। 300 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों के साथ, जो 120 से अधिक शहरों में चलती हैं और रोजाना 600 से ज्यादा बार प्रस्थान करती हैं, न्यूगो ने शहरों के बीच यात्रा को और बेहतर बनाया है। इसने आराम, सुरक्षा, समावेशन और पर्यावरण की जिम्मेदारी में नए मानक स्थापित किए हैं।
तीन वर्षों में, न्यूगो की बसों ने 2,765 मिलियन किलोमीटर की प्रभावशाली दूरी तय की है, जिससे 261 मिलियन किलोग्राम से अधिक CO₂ उत्सर्जन को रोका गया है – यह पर्यावरण के नजरिये से 3.53 मिलियन से अधिक पेड़ लगाने के बराबर है। कंपनी ने 5000 से ज्यादा लोगों को नौकरियां दी हैं, जिनमें 150 से अधिक महिलाएं और 10 से ज्यादा ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। यह न्यूगो की विविधता और समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है।
इसके अलावा, परिचालन दक्षता और कम से कम खराबी को सुनिश्चित करने के लिए, न्यूगो ने 180 kW और 240 kW की क्षमता वाले 100 से अधिक हाई-परफॉर्मेंस सुपरचार्जर का नेटवर्क स्थापित किया है, जो एक बस को केवल दो घंटे में पूरी तरह चार्ज कर सकते हैं।
इस उपलब्धि के बारे में, ग्रीनसेल मोबिलिटी और न्यूगो के एमडी और सीईओ, श्री देवेंद्र चावला ने कहा, “तीन साल पहले, हमने यह साबित करना चाहते थे कि स्वच्छ, सुरक्षित और समावेशी इंटरसिटी यात्रा एक दूर का सपना नहीं है – यह आज की हकीकत हो सकती है। हमारा हर उत्सर्जन-मुक्त किलोमीटर एक हरित भारत की ओर एक कदम है, और आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने वाली हर वह महिला एक अधिक समावेशी समाज की दिशा में एक कदम है। हमारा अगला अध्याय इस दृष्टिकोण का विस्‍तार करना है ताकि पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित यात्रा देश के हर शहर और कस्बे में किसी अपवाद की बजाय एक सामान्य बात बन जाए।”
न्यूगो महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए हमेशा आगे रहा है। कंपनी महिलाओं को कोच कैप्टन और केबिन होस्ट के रूप में नियुक्त करती है ताकि महिला यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव मिले। इसने भारत की पहली ऑल-विमेन बस सेवा शुरू की, जिसमें यात्री और क्रू दोनों महिलाएं थीं। सुरक्षा के लिए 24×7 महिलाओं की हेल्पलाइन (1800 267 3366), हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी, रीयल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ड्राइवर के लिए ब्रेथलायजर टेस्ट और एआई-आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे कदम उठाए गए हैं। “पिंक सीट्स” सुनिश्चित करती हैं कि महिलाएं दूसरी महिलाओं के बगल में बैठें। साथ ही, स्वच्छ मिड-पॉइंट स्टॉप और 24×7 कमांड कंट्रोल सेंटर की निगरानी भी उपलब्ध है।
स्‍थायित्‍व, नवाचार और यात्रियों के आराम पर अपने निरंतर फोकस के साथ, न्यूगो भारत के इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेगमेंट में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह यात्रियों को शहरों के बीच यात्रा करने का एक स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक समावेशी तरीका प्रदान करता है।

pooja Singh

Share
Published by
pooja Singh

Recent Posts

मुख्यमंत्री धामी से महानिदेशक एनसीसी ने की शिष्टाचार भेंट

उत्तराखण्ड में एनसीसी के विस्तार एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा…

8 minutes ago

पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग नहीं होगा बर्दाश्त, पीजी-हॉस्टलों पर पुलिस का शिकंजा –

देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में पीजी और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की गतिविधियों पर नजर…

13 minutes ago

The Montessori School hosts Inter-House Patriotic Singing and Dance Competition and Investiture Ceremony

my uttarakhand news Bureau  Dehradun, 19 Aug: A grand celebration of national pride, artistic expression,…

18 minutes ago

नैनीताल में नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाइयों का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर सील

देहरादून। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एसटीएफ उत्तराखंड और औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त…

29 minutes ago

Chief Secretary directs effective road safety enforcement

my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug:  A meeting of the Road Safety Monitoring Committee was held…

30 minutes ago

Forest officers are custodians of biodiversity: Lt Gen Gurmit Singh

my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: Governor Lt Gen (Retd) Gurmit Singh, addressing probationers…

41 minutes ago