गोवा अग्निकांड में तीन सगी बहनों सहित उत्तराखंड के नौ लोगों की मौत, शव देख बिलख पड़े परिजन – myuttarakhandnews.com

देहरादून: गोवा नाइट क्लब अग्निकांड की आंच सबसे ज्यादा उत्तराखंड को झुलसा गई। शनिवार देर रात पणजी में अरपोरा नदी के पास स्थित ‘बर्च बाई रोमियो लेन’ नाइट क्लब में भयानक आग लग गई थी। उस समय नाइट क्लब में 200 से अधिक लोग मौजूद थे। क्लब की पहली मंजिल पर आग की लपटें उठने लगीं थी। उस दौरान डांस फ्लोर पर सौ से अधिक पर्यटक खुशियों में झूम रहे थे। देखते ही देखते पूरे क्लब में धुआं भर गया था। इससे मौके पर भगदड़ मच गई थी। उस अग्निकांड में कुल 25 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में उत्तराखंड के नौ लोग शामिल हैं। मरने वालों में पांच युवक वह थे जो उस नाइट क्लब में नौकरी करते थे। चार लोग अल्मोड़ा के द्वाराहाट मूल निवासी विनाद कबड़वाल और उनके रिश्तेदार थे। विनोद दिल्ली में रहते थे। विनोद कबड़वाल, उनकी पत्नी भावना, पत्नी की बहनें कमला, अनीता और सरोज गोवा घूमने गई थीं। अग्निकांड में विनोद और उनकी पत्नी की तीन बहनों की मौत हो गई थी। इसके अलावा अग्निकांड में पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी, देवप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के एक-एक युवक ने जान गंवाई है।
रोजगार के लिए पहुंचे मिली मौतगोवा नाइट क्लब में लगी आग में जान गंवाने वाले उत्तराखंड के पांचों युवक रोजगार के लिए वहां गए थे। लेकिन उनकी लाशें इधर लौटी हैं। पिथौरागढ़ के गुरना क्षेत्र जमराड़ी सिमली निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह बीते सप्ताह बेंगलुरु से गोवा शेफ की नौकरी करने पहुंचे थे। सुरेंद्र चार साल जर्मनी में काम कर चुके थे। वीजा संबंधी दक्कित के चलते वह विदेश नहीं जा पा रहे थे । सुरेंद्र की तीन वर्ष पहले ही शादी हुई थी। वहीं, बाराकोट के नेत्र सलान निवासी मनीष सिंह महर भी हादसे में नहीं बच सके। उनकी मृत्यु की पुष्टि रविवार को हो गई थी। मनीष रोजगार के लिए गोवा काम के सिलसिले में गए थे।
गढ़वाल के भी तीन युवकों की मौतगोवा अग्निकांड में गढ़वाल मंडल के पौड़ी के छानी निवासी 29 वर्षीय सुमित नेगी की दम घुटने से सुमित की मौत हो गई। देवप्रयाग ब्लॉक के संकुल्ड गांव निवासी 24 साल जितेंद्र सिंह की भी मौत हो गई। हादसे ने टिहरी गढ़वाल के चाह गडोलिया के 27 वर्षीय सतीश राणा भी नहीं बच पाए। गोवा अग्निकांड में उत्तराखंड के नौ लोगों की मौत से कोहराम मचा हुआ है। शवों का सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

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