उत्तराखंड की कैबिनेट सदस्य रेखा आर्या के जीवनसाथी गिरधारी लाल साहू को बिहार की महिलाओं से जुड़ी विवादास्पद टिप्पणी के कारण कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। मुजफ्फरपुर की न्यायालय ने इस संबंध में उन्हें एक नोटिस भेजा है, जिसमें स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह घटना तब शुरू हुई जब गिरधारी लाल साहू की कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (प्रथम) की अदालत में एक शिकायत दर्ज की गई। 13 जनवरी 2026 को मंगलवार के दिन हुई सुनवाई के दौरान, अदालत ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए साहू को समन जारी किया और उनसे उत्तर की मांग की।
शिकायतकर्ता सुधीर ओझा की अर्जी पर कार्रवाई: इस मामले में वरिष्ठ वकील सुधीर कुमार ओझा ने शिकायत दायर की है, जिसमें गिरधारी लाल साहू को मुख्य आरोपी नामित किया गया है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 192, 298, 352, 351, 328, 52, 95, 86, 74 और 75 के अंतर्गत आरोप लगाए गए हैं।
बिहार की महिलाओं पर की गई थी टिप्पणी: सुधीर ओझा ने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना इलाके के चैनपुर गांव से संबंधित है। उन्होंने दावा किया कि 2 और 3 जनवरी 2026 को गिरधारी लाल साहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अपमानजनक संदेश फैलाया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा कि बिहार में 20-25 हजार रुपये में महिलाएं उपलब्ध हो जाती हैं।
26 फरवरी को होगी अगली तारीख: अदालत ने इस टिप्पणी को प्रारंभिक रूप से गंभीर पाया और मामले पर ध्यान दिया। इसी कारण उत्तराखंड की कैबिनेट सदस्य रेखा आर्या के जीवनसाथी गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध समन जारी किया गया है, जिसमें उनका पक्ष मांगा गया है। इस मुकदमे की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित है।
शिकायतकर्ता सुधीर कुमार ओझा ने स्पष्ट किया कि यदि गिरधारी लाल साहू इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते, तो अदालत एकपक्षीय कार्यवाही शुरू कर सकती है।
“उत्तराखंड प्रशासन की सदस्य रेखा आर्या के जीवनसाथी गिरधारी लाल साहू ने दावा किया है कि 20 से 25 हजार रुपये में बिहार की महिलाएं प्राप्त हो जाती हैं। यह कथन न केवल बिहार की बेटियों का गहरा अपमान है, बल्कि समस्त महिला वर्ग की सम्मान को चोट पहुंचाने वाला है। इससे प्रदेश की प्रतिष्ठा को हानि पहुंची है और सामान्य नागरिकों की संवेदनाएं प्रभावित हुई हैं।”
– सुधीर कुमार ओझा, वकील एवं शिकायतकर्ता
गिरधारी लाल साहू ने क्या कहा था?: मंत्री के जीवनसाथी गिरधारी लाल साहू ने एक आयोजन के दौरान अपने सहयोगी से विवाह के विषय पर बातचीत करते हुए पूछा था, ‘तुम्हारा विवाह अभी तक नहीं हुआ, क्या वृद्धावस्था में करोगे? अब तक तुम्हारे तीन-चार संतान हो चुके होते। हम तुम्हारे लिए बिहार से महिला ला सकते हैं। बिहार में 20-25 हजार में उपलब्ध हो जाती है। मेरे साथ आओ, हम तुम्हारा विवाह करवा देंगे।’
विवाद बढ़ने पर दी सफाई: इस अपमानजनक कथन के बाद जब हंगामा मचा, तो गिरधारी लाल ने स्पष्टीकरण दिया और क्षमा याचना की। उन्होंने बताया कि यह दोस्त के विवाह के संदर्भ में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा गया था। विरोधियों ने इसे गलत ढंग से प्रस्तुत किया। फिर भी, यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों, तो वे हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।
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