देहरादून: उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए) ने मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिलॉक्स आवासीय परियोजना के नौ अपार्टमेंट्स की बिक्री पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया है। इन इकाइयों के लिए खरीदारों से पूर्ण भुगतान प्राप्त कर लिया गया था, लेकिन अब तक पंजीकरण नहीं कराया गया। खरीदारों ने चिंता व्यक्त की थी कि परियोजना प्रमोटर शाश्वत गर्ग की गैर-मौजूदगी में उनके साझेदार इन संपत्तियों को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित कर सकते हैं। आरईआरए के सदस्य नरेश मठपाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने आगे के निर्देशों तक इनकी खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का फैसला सुनाया है।
इस मामले में दस प्रभावित खरीदारों—राजेंद्र सिंह, कुंवर पाल सिंह, चैतन्य बहुगुणा, विजया देवी, अनिल राणा, अमित राणा, रणबीर पुरी, मणि महेश और आशिमा अग्रवाल—ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने परियोजना के कई अपार्टमेंट्स के लिए पूरा मूल्य चुका दिया है और कब्जा भी हासिल कर लिया है, फिर भी प्रमोटर द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। सभी शिकायतों की समानता को ध्यान में रखते हुए, प्राधिकरण ने इनकी सामूहिक सुनवाई की।
प्राधिकरण ने पाया कि यह आरईआरए अधिनियम की धारा 11, 14 और 17 का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। खरीदारों को आशंका है कि शाश्वत गर्ग का सहयोगी अतुल गर्ग इन अपार्टमेंट्स का पंजीकरण किसी अन्य पक्ष के नाम पर करवा सकता है। पंजीकरण में विलंब के कारण खरीदारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सर्किल रेट और पंजीकरण शुल्क में हुई बढ़ोतरी से सीधा वित्तीय नुकसान शामिल है।
बता दें कि आर्केडिया हिलॉक्स परियोजना में निवेशकों को अपार्टमेंट आवंटित करने और फर्जी बैंक ऋणों के माध्यम से करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपी बिल्डर शाश्वत गर्ग, उनकी पत्नी साक्षी और पिता प्रवीण गर्ग फरार हैं। पुलिस ने दिसंबर में इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। तीनों के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं। राजपुर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप उनकी तलाश में जुटे हैं। कुछ संकेत मिले हैं कि आरोपी नेपाल की ओर भाग सकते हैं। गर्ग परिवार—जिसमें शाश्वत, साक्षी, उनका बेटा विद्वान, पिता प्रवीण और मां अंजलि शामिल हैं—17 अक्टूबर से लापता है। उन्हें अंतिम बार शाश्वत के साले सुलभ गोयल के हापुड़ (उत्तर प्रदेश) स्थित आवास पर देखा गया था।
शाश्वत गर्ग ने अपनी पत्नी साक्षी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ देहरादून में दो आवासीय योजनाओं पर कार्य शुरू किया था: मसूरी रोड पर आर्केडिया हिलॉक्स और थानो रोड पर इंपीरियल वैली। आर्केडिया हिलॉक्स ग्रुप हाउसिंग योजना में 21 से अधिक अपार्टमेंट आवंटनों में अनियमितताओं की शिकायतों पर पुलिस ने गर्ग परिवार, उनके दो सालों तथा कुछ बैंक व वित्तीय संस्थानों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज कर लिया है। दो दिन पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शाश्वत और साक्षी गर्ग के विरुद्ध धन शोधन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आरईआरए सदस्य नरेश मठपाल ने कहा कि दस खरीदारों की याचिकाओं के आधार पर पीठ ने आगे के आदेशों तक बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है।
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