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दिन की शुरुआत खेल विज्ञान पर सूचनात्मक सत्रों की एक श्रृंखला के साथ हुई। पहला सत्र, जिसका शीर्षक था ‘एआई एंड कंटेंट क्रिएशन इन स्पोर्ट्स, इंफ्लुएंसर मार्केटिंग’, क्रीडऑन के संस्थापक प्रतीक गोयल ने संचालित किया, जिन्होंने खेल विपणन में एआई के बढ़ते प्रभाव पर अपनी विशेषज्ञता साझा की। अगले सत्र, ‘द इम्पोर्टेंस ऑफ़ साइंस फॉर टुडेज़ एथलीट्स’ में स्पोर्ट्स प्लस के संस्थापक अजिंक्य केसकर के साथ-साथ रेन के एसएंडसी हेड प्रतीक निनावे और श्रुति भांडुर्गे ने आधुनिक एथलीटों के लिए आवश्यक वैज्ञानिक बढ़त पर जोर दिया।
कार्यक्रम एक आकर्षक सत्र ‘बिल्डिंग चैंपियंस: द रोल ऑफ़ साइकोलॉजी, साइंस, एंड लीडरशिप इन स्पोर्ट्स’ के साथ जारी रहा, जहाँ पोर्टल कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. गौरव पंत, खेल मनोवैज्ञानिक प्रीति भांडुर्गे और हाई-परफॉरमेंस विश्लेषक डॉ. शतरूपा चक्रवर्ती ने प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता के लिए आवश्यक मानसिक और वैज्ञानिक तैयारी पर बहुमूल्य दृष्टिकोण साझा किए।
युवा महोत्सव में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल को बढ़ावा देने के लिए हस्तशिल्प स्टॉल और स्वयं सहायता समूह की प्रदर्शनी की एक विस्तृत श्रृंखला भी पेश की जा रही है। इन स्टॉलों में स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित वस्त्र, लकड़ी की नक्काशी और जैविक उत्पाद शामिल हैं।
युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के निदेशक प्रशांत आर्य ने महोत्सव के आयोजन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “उत्तराखंड राज्य युवा महोत्सव परंपरा और आधुनिकता का जीवंत मिश्रण है। इस वर्ष की स्ट्रांगमैन चैंपियनशिप और खेल विज्ञान पर सत्र हमारे युवाओं को प्रेरित और सशक्त बनाने की पहल है। हमें अपनी युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारने के लिए नई तकनीकों के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करने पर गर्व है।”
पूरे दिन महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को लोकगीतों की प्रस्तुतियों और आकर्षक भाषण प्रतियोगिताओं के साथ प्रदर्शित किया गया।
इस अवसर पर अपर निदेशक आर सी डिमरी, संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल, उप निदेशक शक्ति सिंह व एस के जयराज, सहायक निदेशक नीरज गुप्ता व दीप्ति जोशी, और स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल राजेश ममगाईं भी मौजूद रहे।
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