ऊर्जा क्षेत्र का स्तंभ ढहा: टीएचडीसी के चेयरमैन श्री आर.के. विश्नोई का निधन, स्वच्छ ऊर्जा के योद्धा को सलाम – पर्वतजन

भारतीय ऊर्जा क्षेत्र को आज एक करारा झटका लगा है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री राजीव कुमार विश्नोई का अचानक निधन हो गया। 60 वर्षीय विश्नोई जी लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, और आज सुबह नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे ऊर्जा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।
श्री आर.के. विश्नोई जी का जन्म राजस्थान के एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उनकी प्रतिभा और समर्पण ने उन्हें ऊर्जा क्षेत्र का एक मजबूत स्तंभ बना दिया। 1987 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं के डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव अर्जित किया। अगस्त 2021 में वे THDCIL के CMD बने, और तब से उन्होंने कंपनी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक गौरवपूर्ण स्थान दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उनके नेतृत्व में THDCIL ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। 2024-25 के वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की क्षमता 4351 मेगावाट तक पहुंच गई, जो कई चुनौतियों के बावजूद एक चमत्कारिक उपलब्धि थी। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने पर जोर दिया। सितंबर 2025 में खुरजा सुपर थर्मल पावर प्लांट परिसर में 11 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन उनके ही नेतृत्व में हुआ, जो भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्रांति का प्रतीक बना। अप्रैल 2025 में उन्होंने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की, जिसने THDCIL को वैश्विक मानचित्र पर चमकाया।“टीएचडीसी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण स्थान दिलाने में श्री विश्नोई जी की भूमिका अतुलनीय रही,” जल शक्ति मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया। “उन्होंने न केवल परियोजनाओं को समय पर पूरा किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के उत्थान को भी प्राथमिकता दी। टिहरी जल विद्युत परियोजना से लेकर सौर ऊर्जा पहलों तक, हर कदम पर उनका विजन दिखाई देता था।”श्री विश्नोई जी टस्को लिमिटेड के भी चेयरमैन थे और एनएचपीसी जैसे अन्य संगठनों से जुड़े रहे। नवंबर 2025 में दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, “टीएचडीसी भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य न केवल बिजली उत्पादन है, बल्कि सतत विकास भी।” उनके इस विजन ने युवा इंजीनियरों को प्रेरित किया और ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई पहलें शुरू कीं।

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया: “श्री आर.के. विश्नोई जी का जाना ऊर्जा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।” इसी तरह, पूर्व जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें “हाइड्रोपावर का शेर” कहा।श्री विश्नोई जी का पार्थिव शरीर कल नई दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए रखा जाएगा। THDCIL के कर्मचारियों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। ऊर्जा क्षेत्र के इस योद्धा की कमी हमेशा खलेगी, लेकिन उनके योगदान से प्रेरित होकर भारत का स्वच्छ ऊर्जा भविष्य और मजबूत बनेगा।

Sapna Rani

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