प्री-मॉनसून बारिश ने उत्तराखंड में तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तराखंड में प्री-मॉनसून की बारिश ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बारिश के बाद हल्द्वानी, देहरादून, नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार,रुड़की समेत कई शहरों में प्रशासन के दावे भी बह गए हैं। नैनीताल जिले के हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक हुई बारिश से तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। पंतनगर विवि के मौसम विशेषज्ञ डॉ़ आरके सिंह ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।उनका दावा है कि यह आंकड़ा पिछले दस सालों में 25 मई को दर्ज किए गए तापमान में सबसे कम है। डॉ. सिंह के अनुसार, इससे पहले 25 मई 2015 को अधिकतम तापमान इतना कम रहा था। यह मौसमी बदलाव अचानक हुई बारिश और बादलों के कारण हुआ है। जिससे तापमान में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि नमी 66 प्रतिशत रही और 6.4 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं।वहीं मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों के लिए बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों से निकलने से पहले मौसम का हाल जानें और सावधानी बरतें।नैनीझील समेत अन्य झीलों के जलस्तर में सुधारनैनीताल में रविवार सुबह बारिश हुई। शहर में बीते 24 घंटों में 19 मिमी बारिश हुई। इसके चलते नैनीझील का जलस्तर आधा इंच तक बढ़ा है। झील नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बीते शनिवार झील का जलस्तर 78 फीट 3 इंच था। जबकि रविवार को बारिश के बाद जलस्तर 78 फीट 3.5 इंच तक पहुंच गया। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।जिले में कहां कितनी बारिशआपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले में सबसे ज्यादा बारिश धारी में 40 एमएम हुई। वहीं हल्द्वानी में 30 एमएम, नैनीताल में 19 एमएम, कालाढ़ूगी में 2 एमएम, चोरगलिया में 17 एमएम व मुक्तेश्वर में 23.2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया।बारिश से उफनाई गौला, हल्द्वानी में अफरा तफरीप्री-मॉनसून से पहले ही गौला नदी खतरा बनने लगी है। पहाड़ों पर हुई जोरदार बारिश से रविवार सुबह गौला नदी ऊफान पर आ गई। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने पर गौला बैराज के गेट खोल दिए। इस दौरान एकाएक नदी में पानी बढ़ने पर गौलापुल के सुरक्षा कार्य को रखी निर्माण सामग्री बहने के साथ यहां काम कर रहे लोगों की जान पर बन आई। काम कर रहे मजदूरों के साथ मशीन चालकों ने दौड़ कर जान बचाई। वहीं एक मशीन चालक पानी में फंस गया।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks