प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारपुरी को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए चल रहे निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों का प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया
निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए
देहरादून। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा के एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण में पहुंचने पर वीआईपी हैलीपैड़ में जिलाधिकारी डाॅ. सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर समिति एवं तीर्थ पुरोहित समाज ने परंपरागत मंत्रोच्चारण एवं रुद्राक्ष की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर बाबा श्री केदारनाथ का रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त देशवासियों की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।

एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर पहुचें प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा, प्रधानमंत्री के सलाहकार अमित खरे, मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार एसएस संधु, उप सचिव पीएमओ मंगेश घिल्डियाल, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 9 बजे वायु सेना के हेलिकॉप्टर से वीआईपी हैलीपैड पर पहुचें। जिसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर धर्मपत्नी के साथ बाबा केदारनाथ का रूद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त विश्व एवं जन कल्याण की कामना की। करीब 30 मिनट की पूजा अर्चना के बाद उन्होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण शुरू किया।

इसी बीच उन्होंने तीर्थ पुरोहित समाज से मुलाकात कर केदारनाथ धाम के विकास कार्यों के लिए उनके सुझाव लिए एवं समस्याएं भी सुनी। सर्वप्रथम उन्होंने मुख्य सचिव से केदारपुरी में बने पुराने एवं नए आवासों की बनावट एवं क्षमता की जानकारी ली। जिसके बाद उन्होंने ईशानेश्वर मंदिर एवं भीम शिला के दर्शन किए। इस दौरान मुख्य सचिव ने उन्हें आपदा के समय भीम शिला ने कैसे मंदिर की रक्षा की यह जानकारी दी। इसके पश्चात् उन्होंने शंकराचार्य समाधि के दर्शन कर निर्माणाधीन शिव उद्यान का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली।

श्री केदारनाथ मंदिर परिसर के समाने बन रहे भवनों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित एजेंसियों एवं जिलाधिकारी से भवनों का उद्देश्य पूछा वहीं सभी एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भवनों के निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी को भवनों के अधिग्रहण में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रेन शेल्टर, मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए पूरे क्षेत्र में क्या व्यवस्थाएं और सुविधा दी जाएगी उसकी जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने समस्त अधिकारियों, कर्मचारी एवं निर्माण एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सभी के समन्वय से कठिन परिस्थितियों के बीच बेहतरीन कार्य हो रहा है इसे आगे भी जारी रखते हुए समय पर सभी कार्य पूरे किए जाएं। वहीं उन्होंने निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर एडीएम बीर सिंह बुदियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीए योगेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, सीओ विमल रावत, कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी, एसएचओ केदारनाथ मंजुल रावत, केदार सभा के राजकुमार तिवारी समेत अन्य तीर्थ पुरोहित, अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
’50 साल बाद पहुचें केदारनाथ’
प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वह करीब 50 साल बाद श्री केदारनाथ धाम में दर्शनों को पहुंचे हैं। अपनी पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने पैदल यात्रा कर केदार घाटी का अनुभव लिया था। उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों में केदार घाटी में बड़े परिवर्तन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करना सौभाग्य की बात है।
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