Ranikhet news : रानीखेत जिला बनाने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ने लगी है। रानीखेत विकास समिति के बैनर तले स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। लोगों का कहना है कि 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने रानीखेत को जिला घोषित किया था, लेकिन 14 साल बाद भी वह घोषणा धरातल पर नहीं उतर पाई है। रानीखेत में जिला बनाए जाने की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। रानीखेत विकास समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय लोग संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। लोगों का कहना है कि 15 अगस्त 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने रानीखेत को जिला घोषित किया था।
लोगों ने आंदोलन को लेकर दी चेतावनी
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद पांडे ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने 1956 में यह मांग उठाई थी और आज भी हम उसी सपने को साकार करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन नेगी ने कहा कि 25 साल बेमिसाल रानीखेत फटेहाल, जब पूरा उत्तराखंड अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब भी रानीखेत उपेक्षित है। यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को जिले और ब्लॉक बनाने चाहिए । उन्होंने कहा कि रानीखेत ड्रग फैक्ट्री तथा चौबटिया गार्डन की हालत खराब है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द रानीखेत को जिला नहीं बनाया गया, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। रानीखेत की जनता अब फिर एक बार अपने सपने को साकार होते देखने की उम्मीद में है।
सिमरन बिंजोला
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