देहरादून, : तुलाज़ यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स (एसओएमसी) ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के सहयोग से गुरुवार को यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में स्टूडेंट मैनेजमेंट क्विज 2.0 (एसएमक्यू 2026–27) के रीजनल राउंड का आयोजन किया। प्रतियोगिता में क्षेत्रभर के सैकड़ों मैनेजमेंट छात्रों ने हिस्सा लिया और अपने ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता, रणनीतिक सोच तथा निर्णय लेने के कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। डॉ. आकांक्षा गौतम और डॉ. स्वाति नेगी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अनुभवात्मक शिक्षा और विभिन्न संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के डीन डॉ. अर्घ्य सरकार, रजिस्ट्रार डॉ. विजय कुमार उपाध्याय, डायरेक्टर – एकेडमिक एंड इंस्टीट्यूशनल ऑपरेशंस डॉ. निशांत सक्सेना तथा डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर (डॉ.) सतीश कुमार चौधरी उपस्थित रहे। डॉ. विजय कुमार उपाध्याय ने स्वागत संबोधन दिया, जिसके बाद अतिथियों का सम्मान किया गया। डॉ. निशांत सक्सेना ने अपने संबोधन में छात्रों को पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहते हुए मैनेजमेंट की अवधारणाओं को वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों में लागू करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, डॉ. अर्घ्य सरकार ने अपने उद्घाटन संबोधन में छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में ऐसी प्रतियोगिताओं की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। एआईएमए की ओर से डिप्टी डायरेक्टर विशाल सिन्हा ने एसोसिएशन का परिचय एवं उसके कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद एआईएमए स्टूडेंट चैप्टर के लिए बैज सेरेमनी आयोजित की गई। एआईएमए के असिस्टेंट डायरेक्टर आशु सिकरी ने प्रतिभागियों को एआईएमए की 2026 की नीतियों की जानकारी दी। इसके बाद क्विज मास्टर अकुल गुरटू ने प्रतियोगिता के नियमों और प्रारूप से प्रतिभागियों को अवगत कराया। रीजनल राउंड को प्रतिभागियों की शानदार प्रतिक्रिया मिली। प्रतियोगिता के लिए कुल 286 टीमों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 245 टीमों के 490 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। क्षेत्र के 20 विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के छात्रों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता को चार चरणों में आयोजित किया गया, जिनमें प्रतिभागियों के वैचारिक ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता, रणनीतिक सोच और टीमवर्क को परखा गया। शुरुआती मेंटिमिटर राउंड में सभी 245 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 80 टीमें अगले चरण के लिए क्वालीफाई हुईं। पेन-एंड-पेपर राउंड के बाद 18 टीमों ने अगले चरण में जगह बनाई। इनमें से दो टीमों ने सीधे रीजनल फिनाले के लिए क्वालीफाई किया, जबकि शेष 16 टीमों ने रीजनल सेमीफाइनल में प्रतिस्पर्धा की। सेमीफाइनल से छह टीमें फिनाले के लिए आगे बढ़ीं और इस तरह कुल आठ टीमों ने रीजनल फिनाले में हिस्सा लिया। रोमांचक फाइनल राउंड के बाद उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, देहरादून ने प्रथम स्थान हासिल किया। आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, देहरादून दूसरे स्थान पर रही, जबकि तुलाज़ यूनिवर्सिटी, देहरादून ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। समापन सत्र में एसओएमसी के प्रोफेसर प्रो. परीक्षित काला ने “लैसन्स फॉर टुमॉरोज़ लीडर्स” विषय पर छात्रों को संबोधित किया। इसके बाद एसओएमसी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अब्दाल अहमद ने समापन संबोधन दिया। डॉ. भारत भूषण ने पूरे दिन की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। वहीं, एसओएमसी के असिस्टेंट प्रोफेसर इमैनुएल गैब्रियल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एआईएमए अधिकारियों, प्रतिभागी संस्थानों, फैकल्टी सदस्यों, कार्यक्रम समन्वयकों, स्वयंसेवकों और छात्रों के योगदान को सराहा। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार एवं सम्मान समारोह के साथ हुआ, जिसमें विजेता और प्रतिभागी टीमों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता के अगले चरण मार्च 2027 में आयोजित किए जाएंगे, जहां क्वालीफाई करने वाले छात्रों को अपने प्रबंधन संबंधी ज्ञान और क्षमताओं को आगे प्रदर्शित करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
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