देहरादून के करनपुर स्थित डीएवी महाविद्यालय के कानून विभाग में हाजिरी से जुड़े गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यह खुलासा एक पूर्व छात्र द्वारा दायर की गई RTI के जवाब में राज्य सूचना आयोग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से हुआ है। उपलब्ध अभिलेख बताते हैं कि विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल दीक्षित की उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड में बड़ी असंगतियां दर्ज हैं, जिनसे विभागीय प्रक्रियाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
RTI से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2015 के अक्टूबर और नवंबर महीनों की हाजिरी शीट्स में यह दर्ज है कि डॉ. पारुल दीक्षित एक ही तिथि और समय पर दो अलग-अलग कक्षाओं में मौजूद दिख रही हैं। एक रजिस्टर में ‘पब्लिक इंटरनेशनल लॉ’ की कक्षा कमरा नंबर 21 में दर्ज है, जबकि दूसरी शीट में उसी समय ‘थ्योरी एंड प्रैक्टिकल’ की क्लास किसी अन्य कक्ष में दिखाई गई है। ऐसे विरोधाभासी एंट्री साफ तौर पर विभाग के भीतर कथित गड़बड़ी की ओर संकेत करती हैं।
विशेष बात यह है कि इन दस्तावेजों को स्वयं महाविद्यालय के प्राचार्य, लोक सूचना अधिकारी के रूप में सत्यापित कर चुके हैं। इसके बावजूद, जानकारी सामने आने के बाद भी अभी तक किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
RTI लगाने वाले पूर्व छात्र शर्मा ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला संस्थान की पारदर्शिता और शैक्षणिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, और इसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
यह पूरा प्रकरण न केवल महाविद्यालय प्रशासन, बल्कि उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। अगर इस तरह की अनियमितताओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे शिक्षा व्यवस्था की साख को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
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