उत्तराखंड के नैनीताल में पर्यटकों से भरी स्कॉर्पियो खाई में गिरी, दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत – myuttarakhandnews.com

अल्मोड़ा : उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. पीलीभीत से कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की कार अल्मोड़ा–भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगलाट के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी. इस भीषण हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया.
जानकारी के अनुसार बरेली के पीलीभीत क्षेत्र से श्रद्धालुओं का एक दल कार से कैंची धाम के दर्शन के लिए निकला था. भवाली–अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगलाट के पास अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी. खाई गहरी होने के कारण कार को भारी नुकसान पहुंचा और उसमें सवार यात्री बुरी तरह घायल हो गए.
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को अवगत कराया. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और तुरंत भवाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया. कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि हादसे में कुल आठ लोग कार में सवार थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया.
इन घायलों में ऋषि पटेल (7) पुत्र राहुल पटेल निवासी बरेली एयरपोर्ट, एयरफोर्स पीलीभीत रोड इज्जतनगर, स्वाति (20) पुत्री भूपराम, अक्षय (20) पुत्र चंदन सिंह पटेल, ज्योति (25) पत्नी करन, करन (25) पुत्र जितेंद्र और राहुल पटेल (35) पुत्र भूपराम शामिल हैं. वहीं गंगा देवी (56) पत्नी भूपराम, बृजेश कुमारी (26) पुत्री राहुल पटेल और नैंसी गंगवार (24) पुत्री जयपाल सिंह को भी अस्पताल लाया गया था.
सीएचसी भवाली के डॉक्टर रमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंगा देवी, नैंसी गंगवार और बृजेश कुमारी की मौत हो चुकी थी. प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पांचों लोगों को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है. इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है. पहाड़ी सड़कों पर बढ़ते हादसों को लेकर एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों और सावधानी बरतने की जरूरत पर सवाल खड़े हो गए हैं.

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