

सहारनपुर: सहारनपुर के जिला महिला अस्पताल से चोरी नवजात को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. थाना जनकपुरी पुलिस ने करीब 250 से अधिक CCTV कैमरे खंगालकर बच्चे को हरिद्वार के बहादराबाद से बरामद कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है. नवजात शिशु की बरामदगी से जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं परिजनों ने पुलिस की सराहना की है. पुलिस ने महिला के ख़िलाफ़ संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है.
पुलिस के मुताबिक, 21 सितंबर को जिला महिला अस्पताल में प्रसव के करीब 12 घंटे के बाद, नवजात के पिता नाजिम बच्चे को टिका लगवाने ले गए और कार्ड के लिए में लाइन में खड़े हुए, तभी एक महिला ने नाजिम से बच्चे को मांगा और कार्ड लेकर आने को कहा, जैसे ही नाजिम कार्ड लेने गया, महिला बच्चे को लेकर अस्पताल से निकल गई. कार्ड लेने के बाद नाजिम ने बच्चा और महिला को ढूंढा, नही मिलने पर जनकपुरी पुलिस को सूचना दी.
बच्चा चोरी की सूचना मिलते ही जनकपुरी पुलिस ने अस्पताल परिसर के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. फुटेज में सफेद कपड़ा पहनी एक महिला नवजात को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलती दिखाई दी. इसके बाद पुलिस ने अस्पताल से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग को एक-एक कर खंगाला. करीब 250 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज जोड़ते हुए पुलिस महिला के रूट तक पहुंची. फुटेज में उसके हरियाणा की दिशा से आने और उत्तराखंड की ओर जाने के संकेत मिले थे. इसी आधार पर पुलिस टीम हरिद्वार जिले के बहादराबाद तक पहुंची.
पुलिस जब बहादराबाद पहुंची ते महिला बहादराबाद बाईपास स्थित जया मैक्सवेल अस्पताल के बाहर बच्चे के साथ दिखाई दी. पुलिस टीम ने मौके पर उसे हिरासत में ले लिया. उसके पास वही नवजात था, जिसे वह सहारनपुर से लेकर फरार हुई थी. एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महिला ने अपने मोहल्ले के लोगों को फोन कर बताया था कि उसका बेटा हुआ है और वह बच्चे को लेकर घर आ रही है. उसने नवजात के लिए कपड़े भी खरीदे और दूध पिलाने के लिए बोतल भी ली थी.
पूछतीछ में यह भी खुलासा हुआ कि महिला का अपना कोई बच्चा नहीं है. वह पति से अलग रहती है. पुलिस को शक है कि वह नवजात को अपना बच्चा बताकर रखने की तैयारी में थी. बहादराबाद में वह किसी व्यक्ति के आने का इंतजार कर रही थी और बच्चे को जया मैक्सवेल अस्पताल में भर्ती एक महिला को सौंपने की तैयारी में होने की बात भी सामने आई है. हालांकि पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि महिला नवजात को चोरी करने की योजना पहले से बनाई थी या घटना को अचानक आंजाम दिया. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि महिला के साथ इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है.
बच्चे के सकुशल मिलने की खबर मिलते ही मां शबाना की आंखों से आंसू छलक पड़े. उसने बेटे को सीने से लगाकर दूध पिलाया. भावुक शबाना ने कहा कि वह दो दिन से सो नहीं पाई थी, रो-रोकर उसका बुरा हाल था. उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसका बच्चा कहां है. उसने पुलिस का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पुलिस ने उसके बच्चे को उसकी झोली में डाल दी है.
आपको बता दें कि देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम ने पत्नी शबाना को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था. रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे शबाना ने बेटे को जन्म दिया. सोमवार दोपहर नाजिम बच्चे को टीका लगवाने के लिए ऑपरेशन थिएटर के पास पहुंचा. इसी दौरान महिला ने उससे बातचीत कर बच्चे को टीका लगवाने की बात कही और उसकी गोद से नवजात को ले लिया. नाजिम के टीके का कार्ड लेने जाते ही महिला अस्पताल से बच्चे को लेकर फरार हो गई.




