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उत्तराखंड में कहर बनी आंधी-बारिश से किशोर की मौत, स्कूल की दीवार गिरने से 5 दबे; आज भी अलर्ट – myuttarakhandnews.com

उत्तराखंड में तेज आंधी-बारिश से काफी नुकसान हुआ है। नैनीताल जिले में घर पर पेड़ गिरने से एक किशोर की मौत हो गई। नैनीताल जिले के रामनगर के रिंगोडा गांव में आंधी-बारिश के दौरान टिन की छत वाले घर पर एक पेड़ आ गिरा। हादसे में 13 वर्षीय कार्तिक उपाध्याय पुत्र प्रकाश उपाध्याय की मौत हो गई। किशोर की मां गंभीर रूप से घायल है। दूसरी तरफ हल्द्वानी के शीशमहल निवासी राकेश मौर्या की झोपड़ी पर पास के स्कूल की करीब 10 फीट ऊंची दीवार गिर गई जिसमें परिवार के पांच सदस्य दब गए।
जानकारी के मुताबिक गांव रिंगौड़ा निवासी प्रकाश उपाध्याय का परिवार रविवार रात को अपने टिनशेड में सोया था। अंधड़ में विशालकाय हल्दू का पेड़ टिनशेड पर जा गिरा। जिसकी चपेट में आने से उनके बेटे की मौत हो गई जबकि पत्नी मलबे में दबकर घायल हो गईं। यहां के मोहल्ला भरतपुरी में मंदिर की बाउंड्री वॉल गिरने से नीचे खड़ी तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हल्द्वानी के शीशमहल निवासी राकेश मौर्या की झोपड़ी पर पास के स्कूल की करीब 10 फीट ऊंची दीवार गिर गई जिसमें परिवार के पांच सदस्य दब गए।
सोमवार रात तेज आंधी के दौरान हल्द्वानी के शीशमहल क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। यहां रहने वाले राकेश मौर्या की झोपड़ी के पास स्कूल की 10 फीट ऊंची दीवार गिर गई। इसमें परिवार के पांच लोग दब गए। उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल भर्ती किया गया है। पीड़ित ने बताया कि दीवार झोपड़ी के उस हिस्से पर गिरी, जहां उनके पिता 62 वर्षीय बाबू राम, 30 वर्षीय भाई करन पाल, 28 वर्षीय धीरज, उनकी पत्नी विमला और 6 माह की मासूम बेटी सो रहे थे। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। आस-पास से जुटे लोगों ने मलबे में दबे परिवार को बाहर निकाला। धीरज के सिर पर 24 टांके आए हैं। परिवार के अन्य सदस्य और बच्ची सुरक्षित हैं।
गेहूं की फसल बर्बादरुड़की और देहरादून के बालावाला, नथुवावाला क्षेत्रों में गेहूं की तैयार फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों के अनुसार, एक बीघा गेहूं पर करीब 3700 रुपये लागत आती है। फसल गिरने से अब उत्पादन तीन क्विंटल से घटकर दो क्विंटल प्रति बीघा रहने की आशंका है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। उधर, हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर में भी गेहूं, सरसों और मसूर को भारी नुकसान पहुंचा है। हल्द्वानी में आम और लीची के बौर को 50 प्रतिशत तक क्षति की बात कही जा रही है।
अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कृषि अधिकारियों का कहना है कि गेहूं में दाना भरने के समय हुई यह बारिश पैदावार बढ़ाएगी। हालांकि, चम्पावत जिले में ओलावृष्टि से आड़ू और पुलम को नुकसान हुआ है, लेकिन जिला उद्यान अधिकारी देहरादून के अनुसार, आम और लीची के लिए यह बारिश फायदेमंद है। जितनी बौर गिरी है उससे पैदावार पर खास फर्क नहीं पड़ेगा।
अंधेरे में डूबे शहर, पानी की किल्लतआंधी की वजह से कई इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। पौड़ी मुख्यालय में लाइनों पर पेड़ गिरने से रात भर बिजली गुल रही। खबर लिखे जाने तक नैनीताल में 24 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बिजली ठप होने से ट्यूबवेल नहीं चल पाए, जिससे कई इलाकों में सोमवार को पानी की किल्लत रही।
आज पहाड़ों पर बारिश मैदानों में मौसम शुष्कमौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मंगलवार को पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश एवं 3300 मीटर ऊंचाई पर बर्फबारी हो सकती है। मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। 18, 19 व 20 मार्च को प्रदेशभर में बारिश एवं तेज हवाएं चल सकती है।
देहरादून में बारिश से पारा गिराउत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से रविवार रात झमाझम बारिश हुई है। इससे रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे एक बार फिर ठंड लौट आई है। मौसम के बदलते मिजाज के कारण दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की कुल ओपीडी 2300 का आंकड़ा पार कर गई। दून में रविवार को न्यूनतम तापमान 16 डिग्री से ऊपर था, वह सोमवार को 11.4 डिग्री पर पहुंच गया। बीते 24 घंटों में गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक जमकर बदरा बरसे। रुद्रप्रयाग के कोटेश्वर में सबसे ज्यादा 63.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। देवप्रयाग में 39.6 मिमी, श्रीनगर में 33.5 मिमी, पोखरी में 32.5 मिमी, कनाटल में 28.5 मिमी, देहरादून में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मसूरी में चलीं सर्द हवाएं, ठंड ने फिर कदम खींचेमसूरी। शहर में सोमवार को चटक धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। दोपहर 12 बजे तक मौसम साफ रहा। इसके बाद आसमान में काले बादल छा गए। शाम छह बजे के करीब सर्द हवाएं चलनी शुरू हो गईं₹₹। इससे ठंड बढ़ गई और लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। ठंड के कारण मालरोड पर बहुत कम पर्यटक नजर आए। अधिकांश सैलानी होटल की ओर लौट गए। चंडीगढ़ से मसूरी घूमने पहुंचीं हरप्रीत कौर ने बताया कि यहां मौसम ठंडा है। यह सोचकर आए थे कि अब यहां तापमान सामान्य होगा लेकिन ठंड बढ़ने के कारण गर्म कपड़ों की खरीदारी करनी पड़ी।
पिथौरागढ़ में साल का हुआ तीसरा हिमपातपिथौरागढ़ में उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमपात हुआ और जिला मुख्यालय में रातभर बारिश हुई। मुनस्यारी में खलिया, बलाती और कालामुनी आदि स्थानों पर साल का तीसरा हिमपात हुआ है, जिससे पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में ढक गईं। जिले में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री रहा।
 

Nandni sharma

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